
एल एस बघेल, आगरा। भारतीय हाकी टीम के स्वर्ण पदक जीतने पर भारतीय हाकी टीम के पूर्व कप्तान ओलंपियन एवं अर्जुन अवार्डी जगवीर सिंह ने कहा है कि यह वाकई ऐतिहासिक है। एशियन गेम्स के इतिहास में पहली बार हुआ है कि भारत की महिला और पुरुष हाकी दोनों टीमों ने स्वर्ण पदक जीता है। इसके साथ ही आगामी ओलंपिक के लिये दोनों ही टीमों ने टिकट कटा लिया है।
भारतीय हाकी टीम के स्वर्ण पदक जीतने पर वे गदगद तो हैं ही। साथ ही कहते हैं कि अब भारत में हाकी का स्वर्णिम काल लौट आया है। इसका युवा पीढ़ी पर बहुत बड़ा प्रभाव पड़ेगा। ओलंपियन जगवीर सिंह कहते हैं कि ऐसा पहले कभी नहीं हुआ कि भारत की महिला और पुरुष दोनों ही टीमों ने एक साथ गोल्ड मेडल जीता हो। वे कहते हैं कि अब एशियाई विजेता टीमें 2028 में लास एंजिलिस में होने वाले ओलंपिक खेलों में पहुंचकर वहां भी सोना जीतने के लिये जीतोड़ मेहनत करेंगी।
मलेशिया के खिलाफ फाइनल मैच में आज भारतीय हाकी टीम का परफारमेंस बहुत अच्छा रहा। उन्होंने 5-1 से जीत दर्ज कर यह साबित कर दिया कि एशिया में हम हाकी के सिरमौर हैं। भारतीय हाकी टीम के पूर्व कप्तान कहते हैं कि इस स्वर्णिम जीत से पूरे देश में खुशी की लहर है। अब एक बार फिर से हाकी के वही पुराने दिन बहुरेंगे। भारतीय महिला हाकी टीम 1982 के बाद पहली बार स्वर्ण पदक जीती है। इससे महिला हाकी खेल रही युवा पीढ़ी में भी एक उत्साह बढ़ेगा। महिला हाकी में भी युवा पीढ़ी और अधिक आगे आएगी। एशियन गेम्स में स्वर्णिम जीत पर उन्होंने भारतीय महिला और पुरुष दोनों ही हाकी टीमों को बहुत-बहुत बधाई और आशीर्वाद दिया।


