मंडल रेल प्रबंधक आगरा गगन गोयल के मार्गदर्शन व वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक आगरा अंकित गुप्ता के निर्देशन में आगरा मंडल ने गैर-किराया राजस्व (NFR) बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। आगरा मंडल द्वारा NFR नीति के अंतर्गत पहली बार चार हाई-वैल्यू फूड वैन अनुबंधों का सफलतापूर्वक आवंटन किया गया है।
इन अनुबंधों से रेलवे को प्रतिवर्ष लगभग ₹2.30 करोड़ का गैर-किराया राजस्व प्राप्त होगा। पांच वर्ष की अनुबंध अवधि में इनसे ₹12.16 करोड़ से अधिक का राजस्व प्राप्त होने का अनुमान है। इससे एक ओर रेलवे की गैर-किराया आय में वृद्धि होगी, वहीं दूसरी ओर यात्रियों को प्रमुख स्टेशनों के सर्कुलेटिंग एरिया में खाद्य एवं पेय पदार्थों की सुविधा उपलब्ध होगी।
आगरा मंडल द्वारा प्रदान किए गए चार अनुबंधों का विवरण
आगरा कैंट सर्कुलेटिंग एरिया- यहां पांच वर्ष के लिए फूड वैन का अनुबंध प्रदान किया गया है। इससे प्रतिवर्ष लगभग ₹75.77 लाख तथा अनुबंध अवधि में लगभग ₹4.75 करोड़ का राजस्व प्राप्त होने का अनुमान है।
मथुरा जंक्शन मुख्य प्रवेश सर्कुलेटिंग एरिया – इस पहल का सबसे बड़ा अनुबंध है। पांच वर्ष की अवधि के लिए दिए गए इस अनुबंध से प्रतिवर्ष लगभग ₹1.047 करोड़ तथा कुल अवधि में लगभग ₹5.45 करोड़ का राजस्व प्राप्त होने का अनुमान है।
मथुरा जंक्शन द्वितीय प्रवेश सर्कुलेटिंग एरिया-यहां पांच वर्ष के लिए फूड वैन का अनुबंध दिया गया है। इससे प्रतिवर्ष लगभग ₹27.51 लाख तथा पांच वर्ष में लगभग ₹1.50 करोड़ की आय होने की संभावना है।
ईदगाह आगरा सर्कुलेटिंग एरिया -यहां भी पांच वर्ष की अवधि के लिए फूड वैन अनुबंध प्रदान किया गया है। इससे प्रतिवर्ष लगभग ₹22.12 लाख तथा अनुबंध अवधि में लगभग ₹1.30 करोड़ का राजस्व प्राप्त होने का अनुमान है।
आगरा मंडल द्वारा शुरू की गई यह पहल रेलवे परिसरों के बेहतर व्यावसायिक उपयोग के साथ-साथ यात्री सुविधाओं के विस्तार और गैर-किराया राजस्व में वृद्धि की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। आगरा मंडल द्वारा NFR के अंतर्गत इस प्रकार की नई व्यावसायिक संभावनाओं को विकसित करने तथा यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर निरंतर कार्य किया जा रहा है।


