बाह एंव जगनेर के दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के लिये 50-50 शैय्या के चिकित्सालय बनाये जाने हेतु प्रस्ताव तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश
आगरा.6 फरवरी। आज शुक्रवार को मण्डलायुक्त नगेन्द्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग की विभागीय समीक्षा की गयी। सर्वप्रथम आयुक्त द्वारा जिले में स्थापित सीएचसी, पीएचसी सहित समस्त हेल्थ एण्ड वेलनेस केन्द्रों की व्यवस्था, चिकित्सकों/स्वास्थ्य कार्मिकों की उपलब्धता, मशीनरी की उपलब्धता, सरकारी अस्तपालों में चलने वाली ओपीडी सेवाएं, मरीजों की जांचें और दवाईयों की उपलब्धता समीक्षा की गयी। चिकित्सकों की ऑनलाइन उपस्थिति के विवरण की समीक्षा के दौरान अवगत कराया गया कि वर्तमान में जिला अस्पताल और ग्रामीण क्षेत्रों में बने स्वास्थ्य केन्द्रों पर ही ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज हो रही है। आयुक्त द्वारा निर्देश दिए गये कि सभी सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केन्द्रों पर चिकित्सकों की ऑनलाइन उपस्थिति सुनिश्चित करने के संबंध में शासन से पत्राचार किया जाए। बाह एंव जगनेर के दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के लिये 50-50 शैय्या के चिकित्सालय बनाये जाने हेतु प्रस्ताव तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गये।
वर्तमान में स्वास्थ्य विभाग संबंधी चल रहे सभी प्रोजेक्ट्स और भावी योजनाओं की जानकारी देते हुए सीएमओ द्वारा अवगत कराया गया कि सीएमओ कार्यालय के पास मानसिक स्वास्थ्य संस्थान की रिक्त भूमि पर नये अस्पताल भवन का निर्माण कर लेडी लॉयल अस्पताल को शिफ्ट किए जाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। आयुक्त महोदय द्वारा निर्देश दिए गये कि प्रॉपर डाम्यूमेंट के साथ वित्तीय कार्ययोजना तैयार कर अगली बैठक में प्रस्तुत किया जाए। सीएमओ महोदय द्वारा नेशनल हाइवे पर इमरजेंसी सेवा हेतु एक नया ट्रॉमा सेंटर स्थापित किए जाने की आवश्यकता बताई गयी। इस हेतु आगरा में ही नेशनल हाइवे के पास रिक्त भूमि चिन्हित कर प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गये।
आयुक्त महोदय द्वारा एस.एन. मेडिकल अस्पताल में वर्तमान में संचालित विभाग, सेवाएं, इमरजेंसी, दवाईयों की उपलब्धता की समीक्षा की गयी। अस्पताल परिसर में रिक्त हो चुकी पुरानी बिल्डिंग, ब्लॉक के साथ रिक्त भूमि की सर्वे रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गये। परिसर के अन्दर बनी सड़कों के जगह-जगह क्षतिग्रस्त होने पर सड़कों का जीर्णोद्धार कराये जाने के निर्देश दिए गये। इसके अलावा नये विभाग शुरू किए जाने के संबंध में भी प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए।
जिला अस्पताल परिसर में सीवर लाइन नहीं होने के संबंध में अवगत कराया गया। आयुक्त द्वारा फोन वार्ता के माध्यम ये नगरायुक्त को संयुक्त टीम के साथ सर्वे करने एवं समस्या का स्थायी निराकरण हेतु निर्देशित किया गया। मानसिक स्वास्थ्य संस्थान एवं चिकित्सालय विभाग की समीक्षा करते हुए निदेशक को निर्देशित किया गया कि वह पाठ्यक्रमों को चलाने के लिये फैकल्टी की नियुक्ति एवं स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रमों के संचालित करने के संबंध में प्रस्ताव तैयार करना सुनिश्चित करें।


