—- रोज 20 से अधिक स्कूलों में पहुंच रही नगर निगम की टीम, विद्यार्थियों को दिलाई जा रही स्वच्छता की शपथ
आगरा। स्वच्छता ही सेवा-2026 अभियान के तहत नगर निगम की ओर से विद्यार्थियों को स्वच्छता, कचरा पृथक्करण और अनुपयोगी वस्तुओं के पुनः उपयोग के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। ‘स्वच्छता से समृद्धि’ गतिविधि के माध्यम से नगर निगम की टीमें शहर के विभिन्न विद्यालयों में पहुंचकर बच्चों को स्वच्छता से जोड़ रही हैं। अभियान के तहत प्रतिदिन 20 से अधिक विद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों के बीच ‘कबाड़ से जुगाड़’ प्रतियोगिता विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। इसमें बच्चों को घर या आसपास पड़ी अनुपयोगी वस्तुओं को फेंकने के बजाय अपनी रचनात्मकता का इस्तेमाल कर उन्हें उपयोगी और आकर्षक वस्तुओं में बदलने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इसके माध्यम से विद्यार्थियों को यह संदेश दिया जा रहा है कि कई ऐसी वस्तुएं, जिन्हें हम बेकार समझकर कूड़े में डाल देते हैं, उनका रचनात्मक तरीके से दोबारा इस्तेमाल किया जा सकता है।
नगर निगम की टीम विद्यार्थियों को गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग रखने, कचरे का उचित निस्तारण करने तथा पुनः उपयोग और पुनर्चक्रण की आदत विकसित करने के बारे में जानकारी दे रही है। बच्चों को बताया जा रहा है कि घर और स्कूल से ही कचरे का पृथक्करण शुरू होने पर शहर की स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने में बड़ी मदद मिल सकती है।
अभियान के दौरान विद्यार्थियों को स्वच्छता शपथ भी दिलाई जा रही है। मानव श्रृंखला समेत विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से बच्चों को स्वच्छता के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझाने का प्रयास किया जा रहा है। विद्यार्थियों को अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
इस संबंध में जानकारी देते हुए सहायक नगरआयुक्त अशोक प्रिय गौतम ने बताया कि नगर निगम का उद्देश्य इन गतिविधियों के माध्यम से स्वच्छता को केवल अभियान तक सीमित रखने के बजाय विद्यार्थियों की दिनचर्या और व्यवहार का हिस्सा बनाना है। विद्यालयों में आयोजित कार्यक्रमों के जरिए बच्चों को पर्यावरण संरक्षण, संसाधनों के सदुपयोग और जिम्मेदार नागरिक बनने का संदेश दिया जा रहा है। नगर निगम की टीम का मानना है कि बच्चों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश परिवारों और समाज तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सकता है।


