कैच द रेन अभियान को मिली रफ्तार, भूजल स्तर बढ़ाने को नगर निगम ने 10 स्थानों पर रिचार्ज परियोजनाओं का बनाया खाका

Press Release उत्तर प्रदेश

कार्यशाला में वर्षा जल संचयन पर मंथन

आगरा। बढ़ते जल संकट और लगातार गिरते भूगर्भ जल स्तर से निपटने के लिए आगरा नगर निगम ने वर्षा जल संचयन और भूगर्भ जल संवर्धन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की है। भारत सरकार के ‘कैच द रेन’ अभियान के अंतर्गत सोमवार को नगर निगम के कार्यकारिणी कक्ष में वर्षा जल संचयन एवं भूगर्भ जल संवर्धन विषय पर एक कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में विभिन्न सरकारी विभागों, तकनीकी संस्थानों और गैर-सरकारी संगठनों के विशेषज्ञों ने भाग लेकर शहरी क्षेत्रों में जल संरक्षण के प्रभावी उपायों पर विस्तृत चर्चा की।
यह कार्यशाला पीपुल्स साइंस इंस्टिट्यूट और नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ अर्बन अफेयर्स के संयुक्त उपक्रम के अंतर्गत आयोजित की गई। कार्यक्रम का उद्देश्य वर्षा जल का अधिकतम संचयन सुनिश्चित करना, भूगर्भ जल स्तर में सुधार लाना तथा शहर में जल संरक्षण के लिए विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित करना रहा।
कार्यशाला में जल निगम, वन विभाग, नगर निगम, जलकल विभाग, उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, आगरा स्मार्ट सिटी लिमिटेड तथा विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने सक्रिय सहभागिता की। विशेषज्ञों ने वर्षा जल को व्यर्थ बहने से रोकने, वैज्ञानिक तरीके से उसके संग्रहण और भूजल पुनर्भरण की आधुनिक तकनीकों पर विस्तार से जानकारी साझा की। साथ ही इस बात पर भी जोर दिया गया कि जल संरक्षण केवल सरकारी योजनाओं तक सीमित न रहकर जनभागीदारी का अभियान बने।
कार्यक्रम के दौरान जानकारी दी गई कि आगरा नगर निगम ने शहर के 10 विभिन्न स्थलों का चयन भूगर्भ जल पुनर्भरण कार्यों के लिए किया है। इन परियोजनाओं को भारत सरकार की स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है। चयनित स्थलों पर वैज्ञानिक पद्धति से ग्राउंडवाटर रिचार्ज संरचनाएं विकसित की जाएंगी, जिससे वर्षा के पानी को सीधे भूगर्भ में पहुंचाकर गिरते जल स्तर को सुधारने में मदद मिलेगी। अधिकारियों का मानना है कि इन परियोजनाओं के सफल क्रियान्वयन से भविष्य में जल संकट से काफी हद तक राहत मिलेगी।
कार्यशाला का संयोजन नगर निगम के पर्यावरण अभियंता पंकज भूषण ने किया। इस दौरान सहायक नगर आयुक्त श्रद्धा पांडे, मुख्य वित्त एवं लेखाधिकारी ब्रजेश सिंह, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजीव कुमार वर्मा, सह प्रभारी स्वच्छ भारत मिशन सुदेश यादव, प्रोजेक्ट मैनेजर स्वच्छ भारत मिशन के. के. पांडे, रेंज फॉरेस्ट ऑफिसर पुनीता यादव सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
गैर-सरकारी संगठनों की ओर से इंडिया राइजिंग के नितिन जौहरी, सीएलसी के राकेश शुक्ला तथा अन्य प्रतिनिधियों ने भी अपने सुझाव प्रस्तुत किए। वक्ताओं ने कहा कि यदि प्रत्येक संस्थान, आवासीय परिसर और नागरिक वर्षा जल संचयन को अपनाएं तो आने वाले वर्षों में जल संकट की गंभीरता को काफी हद तक कम किया जा सकता है। कार्यशाला के समापन पर पर्यावरण अभियंता पंकज भूषण ने पीपुल्स साइंस इंस्टिट्यूट (PSI) एवं नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ अर्बन अफेयर्स (NIUA)की टीम का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वर्षा जल संचयन और भूगर्भ जल संवर्धन समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि नगर निगम आगरा भविष्य में भी ऐसे जनहितकारी अभियानों को निरंतर गति देता रहेगा, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए जल संसाधनों का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *