यूपी में विपक्षी दलों को बड़ा झटका: नसीमुद्दीन और राजकुमार पाल ने थामा ‘साइकिल’ का हैंडल, सपा का कुनबा बढ़ा

Politics

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की सियासी बिसात पर समाजवादी पार्टी (सपा) ने एक साथ दो बड़े मोहरों को अपने पाले में कर लिया है। कांग्रेस के दिग्गज नेता नसीमुद्दीन सिद्दीकी और अपना दल (पूर्व) के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राजकुमार पाल ने आधिकारिक तौर पर समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली है।

राजधानी लखनऊ में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान सपा नेतृत्व ने दोनों नेताओं का स्वागत किया और इसे ‘विचारधारा का संगम’ करार दिया।

​कांग्रेस और अपना दल के लिए बड़ा सियासी नुकसान

नसीमुद्दीन सिद्दीकी का सपा में जाना कांग्रेस के लिए एक बड़े झटके के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि वे एक मंझे हुए राजनीतिज्ञ हैं और मुस्लिम मतदाताओं के बीच गहरी पैठ रखते हैं। वहीं, राजकुमार पाल के आने से पूर्वांचल में ओबीसी (पिछड़ा वर्ग) राजनीति के समीकरण बदलने की उम्मीद है।

विश्लेषकों का मानना है कि इन दो कद्दावर चेहरों के जुड़ने से अखिलेश यादव के ‘PDA’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूले को जमीन पर और अधिक मजबूती मिलेगी।

मिशन 2027 की ओर मजबूत कदम

समाजवादी पार्टी इस घटनाक्रम को महज दल-बदल नहीं, बल्कि संगठन के विस्तार के रूप में देख रही है। पार्टी का मानना है कि मौजूदा राजनीतिक माहौल में लोग सपा को ही एकमात्र विकल्प मान रहे हैं। नसीमुद्दीन और राजकुमार पाल के आने से न केवल पश्चिमी यूपी बल्कि पूर्वांचल की कई सीटों पर चुनावी गणित सपा के पक्ष में झुक सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *