मत्स्य पालन पट्टे के लिए पात्र व्यक्ति कर सकेंगे आवेदन, नीलामी में मछुआ समुदाय को दी जाएगी वरीयता
आगरा. 12.08.2026/उपजिलाधिकारी, खेरागढ़ ने अवगत कराया है कि 0.5 एकड़ से अधिक क्षेत्रफल वाले तालाब, पोखरी, जलाशय एवं जल प्रणालियों की नीलामी उत्तर प्रदेश मत्स्य पालन नियमावली-2016 के नियम-57 के तहत 10 वर्षीय मत्स्य पालन के लिए संबंधित नायब तहसीलदार/तहसीलदार की अध्यक्षता में कराई जाएगी। उन्होंने आगे यह भी अवगत कराया है कि मत्स्य पालन हेतु आवंटित तालाब, पोखर एवं जलाशय की वार्षिक लगान की कुल धनराशि का प्रथम वर्ष में किराये का एक चौथाई भाग आवंटन के समय तथा तीन चौथाई भाग 15 दिन के अंदर जमा करना होगा। द्वितीय वर्ष अथवा आगामी वर्षों के लिए किराये की धनराशि का एक चौथाई भाग वृद्धि के साथ प्रत्येक वर्ष जुलाई से सितंबर के मध्य जमा करना होगा। निर्धारित समय में धनराशि जमा नहीं करने पर जमा की गई जमानत धनराशि राज्य सरकार के पक्ष में जब्त कर नीलामी निरस्त कर दी जाएगी।
उन्होंने आगे यह भी अवगत कराया है कि नीलामी प्रक्रिया के लिए प्रथम शिविर 27 अगस्त 2026 को प्रातः 10 बजे तहसील सभागार खेरागढ़ में आयोजित होगा। इस दिन जगनेर विकास खंड के गुंगावद गांव में गाटा संख्या 2172, 1ग, 750, 192 और 1186, जगनेर में गाटा संख्या 3063 और 1546, नगला वीरभान में गाटा संख्या 886, नगला कासिमपुर में गाटा संख्या 279क तथा विधौली जगनेर में गाटा संख्या 347ख स्थित तालाबों की नीलामी होगी। इनमें संबंधित तालाबों का क्षेत्रफल क्रमशः 1.3250, 0.6680, 0.4950, 0.4260, 2.3970, 0.4380, 0.3110, 1.4750, 0.0690 और 0.4490 हेक्टेयर है।
31 अगस्त 2026 को खेरागढ़ विकास खंड के घूसियाना गांव स्थित गाटा संख्या 344, डाडां में गाटा संख्या 440, पटपरगंज में गाटा संख्या 208, भिलावली में गाटा संख्या 852, कागारौल में गाटा संख्या 1106 एवं 321, सरैंडा में गाटा संख्या 1255मी0, अयेला में गाटा संख्या 585, बेरीचाहर में गाटा संख्या 573, 14 एवं 491, बीसलपुर में गाटा संख्या 1720 तथा दिगरौता में गाटा संख्या 272 स्थित तालाबों की नीलामी होगी। इन तालाबों का क्षेत्रफल क्रमशः 0.1150, 0.2530, 0.3410, 0.2530, 0.4150, 0.3460, 0.3230, 0.3110, 0.1840, 0.4260, 0.5990, 0.4210 एवं 0.6450 हेक्टेयर है।
01 सितंबर 2026 को सैंया विकास खंड के वृथला गांव में गाटा संख्या 799, हिरोडा में 1536, जौनई में 275, मुरकिया में 905मी, विरहरू में 1635, मिहाब में 570, ताहरपुर में 242ख एवं 243, मंगलपुर बतरा में 284क एवं 75, रहलई में 384 तथा स्यारमऊ में 495 स्थित तालाबों की नीलामी होगी। इन तालाबों का क्षेत्रफल क्रमशः 0.2530, 0.3570, 2.9730, 0.2300, 0.1500, 0.0810, 0.1040, 0.4950, 0.0810, 0.6450, 0.1380 एवं 0.1260 हेक्टेयर है। इस प्रकार निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार कुल 35 तालाबों की नीलामी की जाएगी।
नीलामी बोली की जमानत धनराशि 0.500 हेक्टेयर से कम क्षेत्रफल वाले रकबे के लिए 5,000 रुपये, 0.500 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल वाले रकबे के लिए 10,000 रुपये तथा एक हेक्टेयर से ऊपर के रकबे के लिए 20,000 रुपये निर्धारित की गई है। 2.000 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल वाले रकबे के लिए आवेदन केवल पंजीकृत मछुआ समुदाय समिति ही कर सकेगी। बोली 1,000 रुपये के गुणांक में लगाई जाएगी तथा नीलामी की धनराशि एक लाख रुपये से अधिक बढ़ने पर प्रत्येक लाख रुपये पर 10,000 रुपये की अतिरिक्त जमानत धनराशि जमा करनी होगी। बोली में सर्वप्रथम मछुआ समुदाय एवं अन्य व्यक्तियों में वरीयता क्रम के अनुसार प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
नीलामी में भाग लेने वाले बोलीदाताओं को आय, जाति एवं निवास प्रमाण पत्र, अदेयता प्रमाण पत्र, नोटरी तथा खतौनी एवं आधार कार्ड की प्रतिलिपि लगाना अनिवार्य होगा। आवेदन पत्र दिन में प्रातः 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक जमा होंगे और नीलामी संबंधित दिवस में अपराह्न 12:15 बजे से शुरू होगी। पढ़ा शिविर में ग्राम सभा के अध्यक्ष अथवा प्रधान तथा सचिव अथवा लेखपाल की उपस्थिति अनिवार्य होगी। मत्स्य पालन पट्टा आवंटन से संबंधित जानकारी राजकीय मत्स्य निरीक्षक कार्यालय से किसी भी कार्य दिवस में प्राप्त की जा सकती है।
मत्स्य पालन हेतु पात्र व्यक्ति नियमानुसार आवेदन पत्र प्रस्तुत कर सकते हैं। मत्स्य पालन पट्टा प्राप्त करने के लिए निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवेदन पत्र संबंधित शिविर में जमा किए जा सकते हैं। नीलामी स्वीकृति की कार्यवाही नीलामी की संपूर्ण धनराशि जमा करने के उपरांत की जाएगी। यदि संबंधित ग्राम की नीलामी निर्धारित तिथि को सम्पन्न नहीं हो पाती है तो अगले कार्य दिवस में नीलामी सम्पन्न कराई जाएगी।
उपजिलाधिकारी खेरागढ़, आगरा एवं तहसीलदार खेरागढ़, आगरा ने संबंधित अधिकारियों को नीलामी सूचना का व्यापक प्रचार-प्रसार कराने, नोटिस बोर्ड पर सूचना चस्पा कराने तथा संबंधित ग्राम प्रधानों को अवगत कराने के निर्देश दिए हैं। क्षेत्रीय लेखपाल एवं राजस्व निरीक्षक को भी संबंधित ग्राम प्रधानों को सूचना देने के साथ व्यापक प्रचार-प्रसार एवं मुनादी कराकर अधिक से अधिक व्यक्तियों को नीलामी तिथि पर उपस्थित कराने के निर्देश दिए गए हैं।


