आगरा। राजस्थान शासन- प्रशासन द्वारा फर्जी डिग्री मामले में जेल भेजे गए जेएस यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति और पूर्व में भदावर डिग्री कॉलेज के प्रिंसिपल रहे सुकेश यादव के खिलाफ उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व कैबिनेट मंत्री राजा अरिदमन सिंह ने भी आवाज उठाई है।
भदावर हाउस से प्रेस विज्ञप्ति जारी कर पूर्व मंत्री राजा अरिदमन सिंह ने उन्हें शिक्षा माफिया बताते हुए उनकी संपत्ति की जांच उत्तर प्रदेश आर्थिक अपराध शाखा से करवाए जाने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि मेरे पूर्वज महाराज कल्याण सिंह द्वारा बाह में एक बांध और बड़ा तालाब बनाया गया था, जिसका नाम ‘कल्याण बहाव’ पड़ा। धीरे-धीरे ‘बहाव’ का ‘बाह’ हो गया। आज भी ‘कल्याण सागर’ नाम से यह तालाब मौजूद है। इस तालाब के कुछ हिस्से को पाट कर पर सुकेश यादव ने अवैध रूप से एक डिग्री कॉलेज बना दिया, जबकि यह तालाब जनमानस के इस्तेमाल के लिए बनाया गया था।
उन्होंने बताया कि इस संबंध में हाईकोर्ट का भी स्पष्ट आदेश है कि किसी भी जलाशय पर कोई बिल्डिंग नहीं बनाई जा सकती, किंतु सुकेश यादव ने इस आदेश को भी अनदेखा करते हुए तालाब की जगह पर मिट्टी भरवा कर कॉलेज बनवा दिया।
राजा अरिदमन सिंह ने कहा कि सुकेश यादव की पत्नी गीता यादव इस कॉलेज की प्रबंधक हैं। सुकेश यादव ने अपनी पत्नी के साथ मिलकर आगरा में भी 50 बीघे पक्की जगह पर 150 करोड़ की धनराशि से अग्रवन हेरिटेज यूनिवर्सिटी बना दी।
पूर्व मंत्री राजा अरिदमन सिंह का कहना है कि दोनों पति-पत्नी सामान्य सरकारी टीचर थे, फिर आखिर इन पर इतनी धन-दौलत कहां से आ गई कि ये महाविद्यालय और विश्वविद्यालय बना सकें। उन्होंने उनकी अवैध संपत्ति की जांच उत्तर प्रदेश आर्थिक अपराध शाखा से कराए जाने की मांग की है।