
बरेली, 22 मई। यूपी सरकार की किसान गोष्ठी पशु अनुसंधान केंद्र इज्जत नगर, बरेली में हुई। जिसमें आगरा के किसान नेताओं ने भी शिरकत की। गोष्ठी में प्रदेश स्तरीय अधिकारियों के समक्ष किसान नेता श्याम सिंह चाहर ने कहा कि सहकारिता विभाग में किसानों के अरबों रुपए समितियां पर सदस्यता जमा है । उसका आजतक किसानों को कोई लाभांश नहीं दिया ये लाभांश को कौन ले रहा है इसका खुलासा होना चाहिए।
किसान नेता ने आरोप लगाते कहा कि यूपी सरकार ने गरीब बच्चों को स्कॉलर शिप देने को 20,करोड़ रुपए दिये, उसमें से कई करोड़ को अधिकारियों ने निकाले और घोटाला किया।
ताज सिटी आलू उत्पादन समिति के प्रदेश सचिव लक्ष्मी नारायण बघेल ने सहकारिता विभाग के अधिकारियों पर आरोप लगाते हुए कहा कि वेतन भोगी समितियों ओर आवास समिति में विभाग के अधिकारियों ने करोड़ो के घोटाले किए जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ पर विभाग के अधिकारियों ने अभी तक कोई कार्यवाही नहीं की ।
किसान लाखन सिंह ने कहा कि उद्यान विभाग में प्रधानमंत्री सिंचाई योजना ओर पैक हाउस में कोरोना काल के समय में घोटाला हुआ । इसके दोषियों के खिलाफ कार्यवाही हो।
किसान नेता प्रदीप शर्मा ने यूपी सरकार से मांग की कि किसानों के आलू को 1200, रेट पर खरीद कर मिड डे मील में शामिल करें। किसान नेता विश्वंभर सिंह ने मांग की कि किसानों को डीएपी ओर यूरिया खाद नहीं मिल पाता है।किसान कुलदीप रावत ने कहा, किसान नीलगायों से बहुत परेशान हैं।
कृषि राज्य मंत्री बलदेव , पशुपालन मंत्री धर्मपाल सिंह ओर कृषि विभाग प्रमुख सचिव रविंद सिंह, अपर आयुक्त राजेश कुमार ,डीडी,कृषि मुकेश कुमार, वी के सिंह डी आर, आदित्य कुमार दुबे ,विवेक कौशिक डीडी उद्यान मुकेश कुमार सहित अन्य जनपद के अधिकारी मौजूद थे । गोष्ठी में आगरा , अलीगढ़ और बरेली मंडल के अधिकारी ओर किसान मौजूद थे।

बीज बिक्री से बिचौलियों को हटाया जाएः किसान नेता लक्ष्मीनरायन ने दिया ज्ञापन
आलू उत्पादक किसान सेवा समिति के प्रदेश सचिव लक्ष्मीनरायन बघेल ने कहा कि प्रदेश में उद्यान विभाग द्वारा फल-फूल एवं सब्जियों के बीज बिचौलियों के जरिये उपलब्ध कराये जाते हैं। जिसमें कई बार नकली बीज आ गये हैं। जिनसे किसानों को उनकी फसल की कम पैदावार पर खून के आंसू बहाने पड़े हैं। हम किसानों ने इन मामलों की कई स्तर पर शिकायत की गयी है लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। फल-फूल एवं सब्जियों के बीज सीधे किसानों को उपलब्ध कराये जाएं। बिचौलिये वाली व्यवस्था को खत्म करते हुए सरकारी छूट का लाभ सीधे किसानों के खाते में भेजी जाए।
उद्यान विभाग द्वारा किसानों को दिये जाने वाले ट्रैक्टर काफी कम हार्स पावर के हैं। इनको 20 एचपी से अधिक के ट्रैक्टर दिये जाएं। जिससे किसान खेत की जुताई आदि ठीक से कर सकें। इनके साथ में आलू खुदाई, बुवाई एवं छटाई की मशीनों को जोड़ा जाए। जिससे आधुनिकता के इस युग में आलू उत्पादक किसानों को कुछ राहत मिल सके। आगरा जनपद में जंगली जानवरों द्वारा किसानों की फसल को काफी नुकसान किया जाता है। इसको रोकने के लिये उद्यान विभाग द्वारा कार्य योजना तैयार कर तार फैंसिंग का लक्ष्य बढ़ाया जाए।
शीतगृह भंडारण के नाम पर आलू किसानों को ठगा जा रहा है। इसलिये भंडारण की दरें घटायी जाएं। जिससे घाटे में चल रहे आलू उत्पादक किसानों को कुछ राहत मिल सके। ज्ञापन देने वालों में आलू उत्पादक सेवा समिति के प्रदेश महासचिव लक्ष्मीनरायन बघेल के साथ किसान नेता श्याम सिंह चाहर, लाखन सिंह त्यागी, वीरेंद्र सिंह परिहार आदि रहे।


