जोंस लाइब्रेरी स्थित पार्क में रेन वाटर हार्वेस्टिंग में मिलीं खामियां, नगला मेवाती में जलभराव का स्थायी समाधान तलाशने के निर्देश

Press Release उत्तर प्रदेश


—-फुटपाथ का स्तर ऊंचा कराने और पार्क के सभी हिस्सों को आरडब्ल्यूएच सिस्टम से जोड़ने के आदेश,
नाला कवर होने से जल निकासी बाधित मिलने पर प्री कास्ट हटाकर समाधान के निर्देश

आगरा। पालीवाल पार्क के जोंस लाइब्रेरी स्थित पार्क बनाए गए रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम में खामियां मिलने और नगला मेवाती में नाला पूरी तरह कवर होने से जल निकासी बाधित पाए जाने पर नगर आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। शनिवार को नगर आयुक्त संतोष कुमार वैश्य ने पालीवाल पार्क के साथ वार्ड-59, नगला मेवाती क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण कर नाला सफाई, जल निकासी, मार्ग व्यवस्था और विकास कार्यों की स्थिति देखी। निरीक्षण के दौरान नगर स्वास्थ्य अधिकारी, अवर अभियंता, संबंधित जोनल अधिकारियों, एसएफआई और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
पालीवाल पार्क के निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त ने पार्क के सौंदर्यीकरण और जोंस लाइब्रेरी के समीप पार्क में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की जानकारी ली। अवर अभियंता हरी ओम ने बताया कि पार्क में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित किया जा चुका है और सौंदर्यीकरण से संबंधित शेष कार्य कराया जा रहा है। निरीक्षण में सामने आया कि रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम के आसपास फुटपाथ का स्तर मुख्य भूमि से काफी नीचे है। बारिश होने पर यहां पानी भरने की आशंका है, जिससे सिस्टम की उपयोगिता भी प्रभावित हो सकती है।
नगर आयुक्त ने पाया कि पार्क के अन्य हिस्सों को भी रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम से इंटरकनेक्ट नहीं किया गया है। इससे पार्क में जमा होने वाले वर्षाजल की उचित निकासी नहीं हो पाएगी और हार्वेस्टिंग सिस्टम के लिए पर्याप्त पानी भी उपलब्ध नहीं हो सकेगा। इस पर उन्होंने अवर अभियंता निर्माण और कार्यदायी संस्था के प्रतिनिधि को फुटपाथ का पर्याप्त उठान कराने, ग्रेवल्स का कार्य कराने तथा पार्क के विभिन्न हिस्सों को पाइप के माध्यम से रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम से जोड़ने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान नवनिर्मित फुटपाथ की बाउंड्री के कई स्थानों पर प्लास्टर भी क्षतिग्रस्त मिला। नगर आयुक्त ने इसकी मरम्मत कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से किसी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए और क्षतिग्रस्त हिस्सों को तत्काल दुरुस्त कराया जाए।

—- नगला मेवाती में नाला पूरी तरह कवर होने से जल निकासी बाधित

पालीवाल पार्क के बाद नगर आयुक्त ने नगला मेवाती क्षेत्र का निरीक्षण किया। यहां क्षेत्रीय पार्षद के प्रतिनिधि ने बताया कि नगर विस्तार के तहत वार्ड में कुछ नया क्षेत्र शामिल किया गया है। जल निकासी के लिए स्मार्ट सिटी योजना के तहत नाला बनाया गया था। नाले में करीब 50-50 फुट की दूरी पर दो-दो फुट के चैंबर बनाए गए हैं, लेकिन नाला पूरी तरह कवर होने के कारण जल निकासी बाधित हो रही है।
बताया गया कि जल निकासी बाधित होने से बारिश के मौसम के अलावा भी क्षेत्र में लंबे समय तक जलभराव की स्थिति बनी रहती है। नगर आयुक्त ने इसे गंभीरता से लेते हुए अवरुद्ध स्थलों को चिन्हित कर निस्तारण कराने और जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान करने के निर्देश दिए। नाले को अनकवर कर प्रीकास्ट रखे जाने के संबंध में भी आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया।

—- कुछ माह में ही टूट गई तालाब की बाउंड्री,जांच के आदेश

निरीक्षण के दौरान नगला मेवाती में अमृत योजना के तहत बनाए गए तालाब का मामला भी सामने आया। पार्षद प्रतिनिधि ने बताया कि तालाब की बाउंड्रीवाल और सौंदर्यीकरण का काम कराया गया था, लेकिन निर्माण के कुछ माह बाद ही बाउंड्रीवाल क्षतिग्रस्त हो गई। नगर आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों को मामले की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। इससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता और क्षति के कारणों की जांच की जाएगी।

— महज पांच मीटर पाइप से दूर हो सकता है जलभराव

निरीक्षण के दौरान कैप्टन शुभम गुप्ता मेट्रो स्टेशन के पास करीब 70 मीटर दूरी पर स्थित निचले भू-भाग में जलभराव की समस्या भी सामने आई। यहां बारिश के दौरान पानी जमा होने के कारण फिलहाल अस्थायी रूप से पंप लगाया गया है। निरीक्षण में सामने आया कि करीब पांच मीटर पाइप डालकर पानी की निकासी की व्यवस्था की जा सकती है।
नगर आयुक्त ने अवर अभियंता निर्माण को पाइप डालने की कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही कैप्टन शुभम गुप्ता मेट्रो स्टेशन के आसपास जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए नगर स्वास्थ्य अधिकारी और अवर अभियंता निर्माण को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि अस्थायी पंपिंग की बजाय जहां संभव हो, स्थायी जल निकासी व्यवस्था विकसित की जाए।

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