—– निरीक्षण में मिलीं गंभीर खामियां, नगर निगम ने जारी किया कारण बताओ नोटिस
—- कार्य में लापरवाही पर पहले भी लगाया जा चुका है एक लाख रुपये का जुर्माना
आगरा। शहर की महत्वाकांक्षी सीएम ग्रिड परियोजना में निर्माण कार्य की गुणवत्ता से समझौता करने पर नगर निगम प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। नगर निगम के प्रभारी मुख्य अभियंता अरविंद श्रीवास्तव ने सुभाष पार्क से कोठी मीना बाजार और कोठी मीना बाजार से मारुति स्टेट चौराहे तक चल रहे समेकित विकास एवं मरम्मत कार्य में गंभीर अनियमितताएं मिलने पर कार्यदायी संस्था मै. कोनार्क एसोसिएट्स पर पांच लाख रुपये का अर्थदंड लगाया है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि भविष्य में भी लापरवाही बरती गई तो अनुबंध की शर्तों के तहत और अधिक कठोर कार्रवाई की जाएगी।
नगर निगम प्रशासन के अनुसार इस योजना का निर्माण कार्य वर्तमान में प्रगति पर है। 29 जुलाई को सहायक अभियंता कपीश बुधौलिया एवं क्षेत्रीय अवर अभियंता मुकेश कुमार द्वारा संयुक्त निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्य में कई गंभीर तकनीकी एवं गुणवत्ता संबंधी कमियां पाई गईं। निर्माण स्थल पर अलग-अलग ब्रांड एवं आकार की निम्न गुणवत्ता वाली ईंटों का प्रयोग किया जा रहा था, जो निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं हैं। इसके अलावा 1000 एमएम व्यास की स्टॉर्म वाटर पाइप लाइन के ज्वाइंट सही तरीके से नहीं भरे गए थे तथा पाइप लाइन का बेस भी मानकों के अनुरूप नहीं मिला। एचडीपी पाइप लाइन के नीचे डाली गई पीसीसी की मोटाई भी निर्धारित मानकों से कम पाई गई, जबकि कई स्थानों पर पीसीसी पहले से सेट होने के बावजूद उसके ऊपर कार्य किया जा रहा था।
निरीक्षण टीम ने पाया कि डीआई पेयजल पाइप लाइन के लिए खोदी गई ट्रेंच की गहराई निर्धारित मानकों से कम है। वहीं 700 एमएम व्यास की मुख्य सीवर लाइन के ऊपर की गई भराई का परत-दर-परत कॉम्पैक्शन नहीं किया गया, जिससे भविष्य में ट्रेंच धंसने और सड़क बैठने की आशंका बनी हुई है। राइडर सीवर का संरेखण भी कई स्थानों पर गलत पाया गया।
जांच में यह भी सामने आया कि स्टॉर्म वाटर पाइप लाइन के इनवर्ट लेवल में निर्धारित सीमा से अधिक फॉल लिया गया है। इसके अलावा कार्य आदेश जारी होने के चार माह बाद भी साइट पर अनिवार्य मैटेरियल टेस्टिंग लैब स्थापित नहीं की गई थी। निर्माण स्थल पर सुरक्षा मानकों की भी अनदेखी मिली और पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं पाए गए, जिससे श्रमिकों और राहगीरों की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े हुए।
इन सभी कमियों को गंभीर मानते हुए अधिशासी अभियंता ने ठेकेदार पर पांच लाख रुपये का अर्थदंड लगाया है तथा निर्देश दिए हैं कि अवर अभियंता एवं सहायक अभियंता के निर्देशानुसार सभी कमियों को तत्काल दूर करते हुए मानकों के अनुरूप कार्य कराया जाए। साथ ही स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि दोबारा इस प्रकार की लापरवाही मिलने पर अनुबंध की शर्तों के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी। उल्लेखनीय है कि कार्य में लापरवाही बरतने पर इस फर्म पर पहले भी एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया जा चुका है।
नगर आयुक्त संतोष कुमार वैश्य का वर्जन :
“सीएम ग्रिड परियोजना शहर की महत्वपूर्ण विकास योजनाओं में शामिल है। इसमें गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। निरीक्षण में जहां भी तकनीकी खामियां मिली हैं, वहां तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित कार्यदायी संस्था पर पांच लाख रुपये का अर्थदंड लगाया गया है। सभी निर्माण कार्य निर्धारित गुणवत्ता मानकों, तकनीकी विशिष्टताओं और सुरक्षा मानकों के अनुरूप ही पूरे कराए जाएंगे। यदि भविष्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही या मानकों की अनदेखी पाई गई तो संबंधित संस्था के विरुद्ध अनुबंध की शर्तों के अनुसार और भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।”


