स्वच्छ सर्वेक्षण की तैयारियों को पलीता लगा रहे कारोबारियों पर शिकंजा
आगरा। स्वच्छ सर्वेक्षण में उम्दा प्रदर्शन सुनिश्चित करने के लिए नगर निगम प्रशासन जहां पूरी ताकत झोंक रहा है, वहीं कुछ दुकानदार और रेस्टोरेंट संचालक नगर निगम के स्वच्छता अभियान को पलीता लगाने से बाज नहीं आ रहे हैं। बार-बार की गई ताकीद और जागरूकता अभियानों के बावजूद कूड़े के निस्तारण के लिए डस्टबिन का प्रयोग न कर खुलेआम सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फेंका जा रहा है, जिससे न केवल शहर की छवि धूमिल हो रही है बल्कि स्वच्छ सर्वेक्षण की रैंकिंग पर भी प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका है।
नगर निगम द्वारा चलाए जा रहे सघन स्वच्छता निरीक्षण अभियान के तहत कारगिल पेट्रोल पंप रोड पर सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा फेंकते पाए जाने पर चाय मंत्रा, डोसा किचिन और गलीयारी रेस्टोरेंट के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई। इन प्रतिष्ठानों द्वारा कचरा सड़क व आसपास के सार्वजनिक स्थलों पर डाले जाने पर हजारों रुपये का जुर्माना लगाया गया।
इसके अलावा दहतोरा रोड स्थित आबंतीबाई क्रॉसिंग पर इंद्रप्रस्थ हाउसिंग सोसाइटी द्वारा भी सार्वजनिक स्थल पर कचरा डालने का मामला सामने आया, जिस पर नगर निगम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सोसाइटी से भी जुर्माना वसूला। नगर निगम अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि स्वच्छता केवल निगम की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग की सामूहिक जिम्मेदारी है और डस्टबिन का उपयोग इसमें सबसे अहम कड़ी है। पूरी कार्रवाई एस.एफ.आई. प्रदीप गौतम के नेतृत्व में की गई। निरीक्षण के दौरान संबंधित दुकानदारों और संस्थाओं को भविष्य में अनिवार्य रूप से डस्टबिन का उपयोग करने, कचरे को स्रोत पर अलग करने और निर्धारित स्थान पर ही निस्तारित करने की सख्त हिदायत दी गई।
—नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल का वर्जन:
“स्वच्छ सर्वेक्षण में बेहतर प्रदर्शन के लिए नगर निगम लगातार प्रयासरत है, लेकिन कुछ लोगों की लापरवाही इन प्रयासों को कमजोर करती है। डस्टबिन का उपयोग न करना और सार्वजनिक स्थलों पर कचरा फेंकना किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। शहर को स्वच्छ रखने में नागरिकों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों की सक्रिय भागीदारी बेहद जरूरी है।”


