नई दिल्ली। कांग्रेस की एक रैली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ कथित तौर पर कहे गए अपशब्दों को लेकर सोमवार को लोकसभा में जोरदार हंगामा देखने को मिला। शोर-शराबे के कारण सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
कार्यवाही शुरू होते ही लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन के तीन पूर्व सदस्यों के निधन की सूचना दी और उनके सम्मान में कुछ देर का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित कराई। इसके बाद जैसे ही प्रश्नकाल शुरू करने का प्रयास किया गया, सत्तापक्ष के कई सदस्य अपनी-अपनी सीटों पर खड़े होकर कांग्रेस रैली में प्रधानमंत्री के खिलाफ की गई टिप्पणी का मुद्दा उठाने लगे।
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि कांग्रेस की रैली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ जिस प्रकार की अभद्र टिप्पणी की गई, वह अत्यंत दुखद और निंदनीय है। उन्होंने कहा कि जिस समय यह टिप्पणी की गई, उस वक्त कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व मंच पर मौजूद था। रिजिजू ने इसे देश के लिए शर्मनाक बताते हुए कहा कि राजनीतिक विरोध में इस स्तर की भाषा स्वीकार्य नहीं हो सकती।
इस दौरान केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल सहित कई मंत्रियों ने कांग्रेस पार्टी से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की। किरेन रिजिजू ने कहा कि राजनीतिक दल एक-दूसरे के विरोधी हो सकते हैं, लेकिन दुश्मन नहीं। ऐसे में कांग्रेस नेतृत्व को प्रधानमंत्री के खिलाफ की गई टिप्पणी पर माफी मांगनी चाहिए।
सत्तापक्ष के आरोपों पर कांग्रेस सदस्यों ने भी विरोध जताया और सदन में शोर-शराबा बढ़ गया। लगातार हंगामे के चलते लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
