आगरा, 6 नवंबर। ताजनगरी में आलू बीज वितरण घोटाले की गाज उद्यान निरीक्षक संजीव यादव और लिपिक सुनील वर्मा पर गिर गयी है। इस आशय केआदेश निदेशक उद्यान बीपी राम ने जारी कर दिये हैं। जिसमें निरीक्षक को उप्र के उद्यान निदेशक ने निलंबित किया है,वहीं लिपिक को निलंबित करने के आदेश आगरा के उपनिदेशक उद्यान डा. धर्मपाल सिंह द्वारा आज शाम को ही जारी किये गये हैं।
निदेशक द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि संजीव कुमार, सहायक उद्यान निरीक्षक, कार्यालय-जिला उद्यान अधिकारी, हाथरस (अतिरिक्त प्रभार कार्यालय-जिला उद्यान अधिकारी, आगरा /प्रभारी ) के विरूद्ध जनपद आगरा में आलू बीज वितरण में स्वेच्छाचारिता, गैर पारदर्शी व मनमाने तरीके की प्रक्रिया अपनाये जाने हेतु प्रथम दृष्ट्या दोषी पाये जाने के फलस्वरूप “उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक नियमावली, के अन्तर्गत तत्काल प्रभाव से निलम्बित करते हुए उनके विरुद्ध “उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक नियमावली के अन्तर्गत अनुशासनिक कार्यवाही संस्थित की जाती है। निलम्बन की अवधि में संजीव कुमार को जीवन निर्वाह भत्ता व अवकाश वेतन पर देय है, मिलेगा। किन्तु ऐसे कर्मचारी को जीवन निर्वाह भत्ते के साथ कोई मंहगाई भत्ता देय नहीं होगा। निलम्बन अवधि में संजीव कुमार को कार्यालय उप निदेशक उद्यान, आगरा मण्डल, आगरा में सम्बद्ध किया गया है।
जनपद आगरा के कृषकों में बीज उत्पादन हेतु विभागीय आलू बीज वितरण हेतु सुनील वर्मा, कनिष्ठ सहायक को कृषकों के आवेदन-पत्र आलू बीज पंजिका में अंकन कर कृषकों को आवेदन संख्या उपलब्ध कराने के निर्देश दिये गये थे लेकिन उन्होंने इसमे लापरवाही बरती। इस कारण से लिपिक को निलंबित करने के आदेश निदेशक ने उपनिदेशक उद्यान को दिये। इस पर आज ही उपनिदेशक डीपी सिंह ने कनिष्ठ सहायक सुनील वर्मा को निलंबित कर दिया है।
जांच अधिकारी देवेन्द्र कुमार सिंह कुशवाहा, विशेष सचिव, रेशम विभाग, उ०प्र० शासन की अध्यक्षता में उत्तर प्रदेश, शासन द्वारा गठित समिति की प्रस्तुत जाँच रिपोर्ट में सुनील वर्मा, कनिष्ठ सहायक द्वारा कृषकों के आवेदन-पत्र आलू बीज पंजिका में अंकित करते हुए कृषकों को आवेदन संख्या उपलब्ध नहीं कराकर मनमाने ढंग से आधी-अधूरी पंजिका तैयार करने के दोषी हैं. जिसके कारण आलू बीज वितरण में शासनादेशों का अनुपालन नहीं हुआ है। उपर्युक्त आधारों पर सुनील वर्मा, कनिष्ठ सहायक के विरूद्ध “उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक के नियम के अन्तर्गत अनुशासनात्मक कार्यवाही करते हुए तत्काल प्रभाव से निलम्बित किया जाता है, तथा रजनीश पाण्डेय, अधीक्षक, राजकीय उद्यान, आगरा को जाँच अधिकारी नामित किया गया है।
निलम्बन की अवधि में सुनील वर्मा, कनिष्ठ सहायक को जीवन निर्वाह भत्ते की धनराशि अर्द्ध वेतन पर देय अवकाश वेतन की राशि के बराबर देय होगी तथा उन्हें जीवन निर्वाह भत्ते की धनराशि पर मंहगाई भत्ता देय नहीं होगा। निलम्बन अवधि में सुनील वर्मा, कनिष्ठ सहायक को कार्यालय-अधीक्षक, राजकीय उद्यान आगरा से सम्बद्ध किया जाता है।
किसानो की हुई जीत, दोषियों के खिलाफ शासन ने की कार्यवाही
किसान नेता श्याम सिंह चाहर, लाखन सिंह त्यागी, ताज सिटी आगरा आलू उत्पादक समिति के प्रदेश महासचिव लक्ष्मीनरायन बघेल, किसान नेता मुकेश पाठक,सोमवीर यादव ने इस कार्यवाही पर उद्यान विभाग के अधिकारियों को धन्यवाद दिया है। साथ ही किसान नेता श्याम सिंह चाहर और लक्ष्मीनरायन ने तो उद्यान निदेशक बीपी राम से फोन पर बातचीत की, जिसमें कहा कि अभी इस मामले में कुछ और अधिकारियों के विरुद्ध कार्यवाही तय है।
इस बीच किसान नेता श्याम सिंह चाहर ने कहा कि उन पर साठ कुंतल आलू बीज ले जाने का झूठा आरोप लगाया गया है। श्री चाहर ने आरोप लगाया कि प्रधान मंत्री की सिंचाई योजना में कोरोना काल में लगभग 5 करोड़ रुपये का घोटाला किया गया है, इसकी भी जांच करायी जाएगी।आलू विकास समिति प्रदेश सचिव लक्ष्मी नारायण बघेल ने आरोप लगाया कि जिन किसानों को आलू बीज नहीं दिया है, उनकी खेती बंजर पड़ी है, उस की भरपाई करे विभाग । साथ ही दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराए। किसान नेता मुकेश पाठक ने कहा कि आलू सीड वितरण प्रभारी संजीव यादव ने किसानों के साथ अन्याय किया है, इसकी सजा मिल गई ओर भी मिलेगी।
किसान नेता सोमवीर यादव कहा कि दर्जनों किसानों का पैसा जमा है , उनका पैसे ब्याज सहित देना होगा। दोषियों के खिलाफ कार्यवाही पर खुशी जाहिर करते हुए किसान कलू यादव ने कहा कि किसानों को एफ-1 की जगह पर ओवर साइज आलू दिया । कुछ को मिलाबट का बीज दिया गया है। इससे तो किसानों की बर्बादी हो जाएगी। किसान नेता श्याम सिंह चाहर ने कहा है कि अन्य दोषी अधिकारियों के निलंबन आदेश भी एक-दो दिन में आ जाएंगे।
