—– 7.5 लाख वर्ग फीट में नगर निगम द्वारा विकसित की हरियाल
—–ऑक्सीजन पार्क से ग्रीन कॉरिडोर तक, आगरा बना पर्यावरण मॉडल
—– नगर आयुक्त की पहल ला रही रंग हरित क्रांति की ओर बढ़ा आगरा
आगरा। शहर को स्वच्छ और हरित बनाने की दिशा में नगर निगम की पहल अब जमीनी स्तर पर असर दिखाने लगी है। वर्ष 2025 में स्थापित उद्यान (हॉर्टिकल्चर) विभाग के कार्यों से आगरा में हरियाली का दायरा लगातार बढ़ रहा है और शहर ‘ग्रीन सिटी’ के मानकों की ओर मजबूती से अग्रसर हो रहा है।
नगर निगम द्वारा अब तक करीब 7.5 लाख वर्ग फीट क्षेत्र को हरित क्षेत्र के रूप में विकसित किया जा चुका है। इस अभियान के तहत शहर के कई प्रमुख पार्कों का कायाकल्प किया गया है। इनमें कालिंदी विहार का ठाकुर पार्क, कैलाशपुरी पार्क, शास्त्रीपुरम पश्चिमपुरी स्मॉल वेंडर पार्क, हनुमान टीला पार्क, माता गड़ेश्वरी पार्क, भगत सिंह पार्क (ट्रांस यमुना) और आवास विकास का ऑक्सीजन पार्क प्रमुख हैं। इन पार्कों में आधुनिक लैंडस्केपिंग, हरियाली और नागरिक सुविधाओं का संतुलित विकास किया गया है।
प्रभारी उद्यान एवं उपनगर आयुक्त डॉ सरिता सिंह के अनुसार हॉर्टिकल्चर विभाग ने देशी प्रजातियों के पौधों पर विशेष जोर दिया है। शहर में नीम, पीपल, बरगद, सीशम, अर्जुन, कचनार और अमलतास जैसे वृक्ष लगाए गए हैं, जो वायु को शुद्ध करने के साथ-साथ जैव विविधता को भी बढ़ावा दे रहे हैं।
—— नगर निगम द्वारा अपनी नर्सरी विकसित कीं
नगर निगम अब पौधों के लिए पूरी तरह आत्मनिर्भर बन चुका है। विकसित की गई तीन नर्सरियों में उच्च गुणवत्ता के पौधों का उत्पादन हो रहा है। यही नहीं, ये नर्सरियां अब प्रशिक्षण केंद्र के रूप में भी विकसित हो गई हैं, जहां छात्र, संस्थाएं और आम नागरिक अर्बन हॉर्टिकल्चर की ट्रेनिंग ले रहे हैं।
—डिबायडरों पर हरित पट्टियों का विकास ——
शहर के प्रमुख डिवाइडरों पर भी हरित पट्टियों का विकास किया गया है। यमुना किनारा रोड, अजीत नगर–अर्जुन नगर गेट रोड, पश्चिमपुरी रोड, पृथ्वीनाथ फाटक से सिकंदरा पुल तक, माडिया कटरा से भवाना क्लार्क रोड और कालिंदी विहार 80 फुटा रोड जैसे मार्गों पर विकसित हरियाली शहर की सुंदरता बढ़ाने के साथ पर्यावरण संरक्षण में भी अहम भूमिका निभा रही है।
—– वायु गुणवत्ता बढ़ाने में सहायक —-
बड़े पैमाने पर लगाए गए पेड़-पौधे कार्बन डाइऑक्साइड को अवशोषित कर ऑक्सीजन बढ़ाते हैं, जिससे वायु गुणवत्ता में सुधार होता है। नीम, पीपल और बरगद जैसे वृक्ष प्रदूषक तत्वों को फिल्टर करने में प्रभावी हैं। हरित क्षेत्र बढ़ने से शहरी तापमान में कमी और धूल नियंत्रण में भी मदद मिल रही है।
आम नागरिकों को भी लाभ—–
* स्वच्छ और ताजी हवा
* पार्कों में बेहतर सुविधाएं
* गर्मी में तापमान में कमी
* स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव
* पर्यावरण के प्रति जागरूकता में वृद्धि
नगर आयुक्त का वर्जन—–
नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल का इस संबंध में कहना है कि “हमारा उद्देश्य आगरा शहर को एक पर्यावरण अनुकूल और सतत शहर बनाना है। हरित क्षेत्र बढ़ाने से वायु प्रदूषण में कमी आएगी और नागरिकों का स्वास्थ्य बेहतर होगा। आने वाले समय में और अधिक हरित क्षेत्र विकसित किए जाएंगे तथा जनभागीदारी को भी बढ़ाया जाएगा।”


