53.5 लाख करोड़ का ‘महा-बजट’: बायोफार्मा ‘शक्ति’ और इलेक्ट्रॉनिक्स हब पर 50,000 करोड़ का निवेश, जानें क्या हुआ सस्ता और क्या महंगा

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नई दिल्ली। केंद्रीय बजट 2026-27 में बुनियादी ढांचे, महिला सशक्तिकरण, कर व्यवस्था, उद्योग और सामाजिक क्षेत्रों पर बड़ा फोकस दिखा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में बजट पेश करते हुए कई ऐसी घोषणाएं कीं, जिनका सीधा असर आम लोगों, उद्योगों और निवेशकों पर पड़ेगा।

हाईस्पीड रेल और गर्ल्स हॉस्टल पर बड़ा जोर

सरकार ने देश के सात प्रमुख शहरों को जोड़ने वाले हाईस्पीड रेल कॉरिडोर विकसित करने का ऐलान किया है। प्रस्तावित रूटों में दिल्ली–वाराणसी, वाराणसी–सिलीगुड़ी, मुंबई–पुणे और हैदराबाद–चेन्नई शामिल हैं। इन परियोजनाओं से यात्रा समय घटने, व्यापार और पर्यटन बढ़ने और क्षेत्रीय विकास को रफ्तार मिलने की उम्मीद है।

महिला सशक्तिकरण पर जोर देते हुए हर जिले में गर्ल्स हॉस्टल बनाने की घोषणा की गई है। इसका मकसद पढ़ाई या नौकरी के लिए बाहर जाने वाली छात्राओं और महिलाओं को सुरक्षित आवास देना है।

टैक्स ढांचे में बदलाव, पर स्लैब जस के तस

बजट में आयकर स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया। हालांकि 1 अप्रैल 2026 से नया इनकम टैक्स एक्ट लागू होगा, जिसे सरल और पारदर्शी बनाने की बात कही गई है। छोटे टैक्स मामलों में जेल की जगह जुर्माने का प्रावधान होगा।
आईटीआर भरने की अंतिम तारीख 31 जुलाई तय की गई है। शेयर बायबैक पर कैपिटल गेन टैक्स लगाया जाएगा। विदेश यात्रा पर टीसीएस घटाकर 5 फीसदी करने का प्रस्ताव है, जबकि ओवरसीज टूर पैकेज पर टीसीएस 2 फीसदी करने की बात कही गई।

खर्च, आय और कर्ज का खाका

2026-27 में कुल सरकारी खर्च 53.5 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। सरकार टैक्स और गैर-टैक्स स्रोतों से 60 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा जुटाने का लक्ष्य रख रही है। राजकोषीय घाटे की भरपाई के लिए बाजार से कर्ज लिया जाएगा। पूंजीगत व्यय पर खास जोर जारी रहेगा।

उद्योग और निवेश पर फोकस

बायोफार्मा ‘शक्ति’ मिशन के लिए पांच साल में 10,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण के लिए 40,000 करोड़ रुपये आवंटित करने का प्रस्ताव है।

एमएसएमई सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए आत्मनिर्भर भारत कोष में 4,000 करोड़ रुपये अतिरिक्त डाले जाएंगे। कॉरपोरेट और म्युनिसिपल बॉन्ड बाजार को मजबूत करने के लिए भी प्रोत्साहन योजनाएं घोषित हुई हैं।

क्या सस्ता, क्या महंगा

कैंसर और मधुमेह की दवाएं, दुर्लभ बीमारियों की दवाएं, सोलर एनर्जी उत्पाद, चमड़ा और कपड़ा निर्यात, जूते, बैट्री और माइक्रोवेव ओवन सस्ते होंगे।

वहीं स्क्रैप, शराब, कुछ खनिज और वायदा कारोबार महंगा होगा।

शिक्षा, पर्यटन और खेल पर घोषणाएं

  1. 5 पूर्वोत्तर राज्यों में पर्यटन स्थल विकसित होंगे
  2. 15 पुरातात्विक स्थलों को वाइब्रेंट डेस्टिनेशन बनाया जाएगा
  3. 5 विश्वविद्यालय टाउनशिप औद्योगिक कॉरिडोर के पास बनेंगी
  4. 15,000 स्कूलों में कंटेंट लैब का समर्थन
  5. 4,000 ई-बस चलाने की योजना
  6. खेलो इंडिया मिशन को आगे बढ़ाया जाएगा
  7. पशुपालन और वेट कॉलेज के लिए सब्सिडी सपोर्ट

कुल मिलाकर बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर, निवेश, शिक्षा, पर्यटन और महिला सशक्तिकरण को साथ लेकर विकास का रोडमैप पेश करने की कोशिश दिखी।

बजट 2026: मुख्य आकर्षण और प्रभाव

1. इन्फ्रास्ट्रक्चर: सात नए हाईस्पीड कॉरिडोर

​सरकार ने देश की रफ्तार बढ़ाने के लिए 7 प्रमुख रूटों पर हाईस्पीड रेल कॉरिडोर विकसित करने का ऐलान किया है। इनमें दिल्ली-वाराणसी, वाराणसी-सिलीगुड़ी, मुंबई-पुणे और हैदराबाद-चेन्नई जैसे महत्वपूर्ण रूट शामिल हैं।

​2. टैक्स व्यवस्था: नया इनकम टैक्स एक्ट

नया एक्ट: 1 अप्रैल 2026 से नया इनकम टैक्स एक्ट प्रभावी होगा।

राहत: छोटे करदाताओं के लिए सजा की जगह अब केवल जुर्माने का प्रावधान होगा।

​MAT में कटौती: न्यूनतम वैकल्पिक कर (MAT) को 15% से घटाकर 14% कर दिया गया है।

TCS: विदेश यात्रा पर टीसीएस (TCS) दर को घटाकर 5% किया गया है।

3. क्या सस्ता, क्या महंगा?

सस्ता (Cheaper)                महंगा (Costlier)

कैंसर और शुगर की दवाएं          शराब और खनिज पदार्थ
सोलर एनर्जी उपकरण ।              स्क्रैप (Scrap)
जूते, कपड़े और चमड़ा              वायदा कारोबार
माइक्रोवेव ओवन                      अघोषित आय पर जुर्माना

मिशन ‘शक्ति’ और मैन्युफैक्चरिंग

बायोफार्मा मिशन शक्ति: दवाओं में आत्मनिर्भरता के लिए 10,000 करोड़ रुपये।

इलेक्ट्रॉनिक्स: मैन्युफैक्चरिंग हब के लिए 40,000 करोड़ रुपये का आवंटन।

शिक्षा: 15,000 स्कूलों में ‘कंटेंट लैब’ और 5 यूनिवर्सिटी टाउनशिप की स्थापना।

​5. महिला और युवा सशक्तिकरण

सरकार ने ऐतिहासिक फैसला लेते हुए देश के हर जिले में एक गर्ल्स हॉस्टल बनाने की घोषणा की है, ताकि छात्राओं और कामकाजी महिलाओं को सुरक्षित आवास मिल सके। साथ ही ‘खेलो इंडिया’ और ‘डिजिटल नॉलेज ग्रिड’ के जरिए युवाओं को नए अवसर दिए जाएंगे।

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