
आगरा रेल मंडल की अनूठी पहल: आगरा कैंट स्टेशन पर चलित डस्टबिन से होगी ट्रेनों की सफाई
प्लेटफॉर्म पर गंदगी फैलने की समस्या का होगा समाधान
महाप्रबंधक उत्तर मध्य रेलवे, नरेश पाल सिंह व मंडल रेल प्रबंधक आगरा गगन गोयल के मार्गदर्शन में आगरा मंडल द्वारा रेलवे स्टेशनों पर स्वच्छता व्यवस्था को और बेहतर बनाने तथा यात्रियों को स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से एक अभिनव पहल की गई है। आगरा मंडल के ‘विशेष अभियान 6.0’ के तहत आगरा कैंट स्टेशन पर पहली बार चलित डस्टबिन (व्हील डस्टबिन) के साथ स्वच्छता मित्रों की कोच-टू-कोच तैनाती की गई है।
इस व्यवस्था के अंतर्गत ट्रेन के रुकते ही स्वच्छता मित्र प्रत्येक कोच के पास पहुंचते हैं और यात्रियों द्वारा खिड़कियों एवं दरवाजों से बाहर फेंके जाने वाले कचरे को सीधे डस्टबिन में एकत्र करते हैं। इससे कचरा प्लेटफॉर्म पर गिरने से रोका जा सकेगा और स्टेशन परिसर में स्वच्छता बनाए रखने में मदद मिलेगी।
पहले कई बार देखा जाता था कि ट्रेन के प्लेटफॉर्म पर रुकने के दौरान यात्री खिड़कियों से कचरा नीचे फेंक देते थे। इससे प्लेटफॉर्म पर गंदगी फैलती थी और सफाई कर्मचारियों को अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ती थी। चलित डस्टबिन की इस पहल से कचरे के उचित संग्रहण और निस्तारण की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी।
फिलहाल ट्रायल बेसिस पर यह व्यवस्था लंबी दूरी की ट्रेनों में शुरू की गई है। इसके अतिरिक्त मंडल के अन्य प्रमुख स्टेशनों पर भी इस सुविधा का विस्तार करने की योजना है।
एकत्र किए गए कचरे को निस्तारण के लिए निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार अलग-अलग श्रेणियों में रखा जाता है। इसमें सूखा, गीला, सैनिटरी तथा घरेलू हानिकारक कचरा शामिल है। इससे कचरे के पृथक्करण और निस्तारण को अधिक व्यवस्थित बनाने में सहायता मिलती है।
यह पहल रेलवे स्टेशनों एवं ट्रेनों में स्वच्छता को बढ़ावा देने, प्लेटफॉर्म पर कचरा फैलने से रोकने तथा यात्रियों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। रेल प्रशासन ने यात्रियों से भी अपील की है कि वे कचरा इधर-उधर फेंकने के बजाय उपलब्ध डस्टबिन का उपयोग करें और रेलवे परिसर को स्वच्छ बनाए रखने में सहयोग दें।


