आगरा। नीति का भरोसा, तकनीक की शक्ति और उद्यमियों का आत्मविश्वास—इन तीनों के संगम से निर्यात केवल व्यापार नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का सशक्त माध्यम बनता है। इसी दृष्टि के साथ आगरा में दो दिवसीय उत्तर प्रदेश एमएसएमई निर्यात सम्मेलन 2026 का भव्य शुभारंभ हुआ। सम्मेलन ने स्पष्ट संदेश दिया कि उत्तर प्रदेश अब स्थानीय सीमाओं से आगे बढ़कर वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए पूरी तरह तैयार है।
वैश्विक बाज़ार की तैयारी पर केंद्रित मंथन
फतेहाबाद रोड स्थित होटल डबल ट्री बाय हिल्टन में आयोजित सम्मेलन की थीम “वैश्विक भविष्य के लिए भारत व उत्तर प्रदेश के निर्यात को सशक्त बनाना” रखी गई। पहले दिन एआई आधारित व्यापार रणनीतियों, अंतरराष्ट्रीय ब्रांडिंग, सुरक्षित निर्यात, लॉजिस्टिक्स और वैश्विक कानून जैसे विषयों पर विशेषज्ञों ने गहन विचार-विमर्श किया।
दीप प्रज्ज्वलन से औपचारिक उद्घाटन
सम्मेलन का उद्घाटन उप्र लघु उद्योग निगम के अध्यक्ष राकेश गर्ग, चमड़ा एवं फुटवियर उद्योग परिषद के अध्यक्ष पूरन डावर, मंडलायुक्त शैलेंद्र कुमार सिंह, संयुक्त आयुक्त उद्योग अनुज कुमार सहित उद्योग जगत के प्रमुख प्रतिनिधियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलन कर किया। पहले दिन आगरा, हाथरस, अलीगढ़, फिरोजाबाद, मैनपुरी सहित आसपास के जनपदों से 300 से अधिक निर्यात उद्यमियों की सक्रिय भागीदारी रही।
“भारत फिर उभरेगा निर्यात शक्ति के रूप में”
मुख्य अतिथि राकेश गर्ग ने कहा कि भारत की समृद्धि का आधार केवल कृषि नहीं, बल्कि सशक्त उद्योग हैं। उन्होंने इंडस्ट्री फैसिलिटी सेंटर और सिंगल विंडो व्यवस्था को उद्यमियों के लिए बड़ी राहत बताया और कहा कि उद्यमिता और जोखिम उठाने का साहस भारत के डीएनए में है।
रुपये की स्थिरता के लिए निर्यात जरूरी
मंडलायुक्त शैलेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि भारत विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। निर्यात बढ़ेगा तभी रुपये की स्थिरता बनी रहेगी। उन्होंने एक्सप्रेस-वे नेटवर्क, सरल भूमि आवंटन और सिंगल विंडो सिस्टम को प्रदेश की प्रमुख ताकत बताया।
नई निर्यात नीति से एमएसएमई को बढ़त
संयुक्त आयुक्त उद्योग अनुज कुमार ने बताया कि राज्य सरकार की 2025–30 निर्यात नीति में फ्रेट सब्सिडी दोगुनी, छोटे उद्यमियों को 30 लाख रुपये तक सहायता, विदेशी प्रदर्शनियों में भागीदारी, ईसीजीसी प्रीमियम और कूरियर व निर्यात प्रोत्साहन पर पहली बार सब्सिडी जैसे प्रावधान किए गए हैं।
उद्योग जगत की बेबाक राय
उद्यमियों ने फुटवियर, लेदर उत्पाद, मसाले, ग्लास और चांदी उद्योग में निर्यात संभावनाओं पर प्रकाश डाला। युवा उद्यमियों के लिए सम्मेलन को प्रशिक्षण और नेटवर्किंग का प्रभावी मंच बताया गया, वहीं पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी को भी विदेशी मुद्रा अर्जन का सशक्त स्रोत करार दिया गया।
एमएसएमई ग्रोथ कैटेलिस्ट अवॉर्ड
दूसरे सत्र में एमएसएमई ग्रोथ कैटेलिस्ट अवॉर्ड 2026 के तहत उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले उद्यमियों को सम्मानित किया गया। एमएसएमई-डीएफओ आगरा के निदेशक वी.के. वर्मा ने सरकारी योजनाओं की जानकारी देकर अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया।
एआई, ब्रांडिंग और गुणवत्ता पर फोकस
एआई आधारित सत्र में विशेषज्ञों ने बताया कि आधुनिक टूल्स से खरीदार पहचान, जोखिम आकलन और क्रेडिट जांच सरल हुई है। ब्रांडिंग सत्र में वक्ताओं ने कहा कि वैश्विक बाजार में पहचान केवल लोगो से नहीं, बल्कि गुणवत्ता, अनुपालन और विश्वसनीयता से बनती है। लॉजिस्टिक्स, गुणवत्ता मानकों और अंतरराष्ट्रीय कानून पर भी विशेषज्ञों ने व्यावहारिक सुझाव दिए।
सम्मेलन का पहला दिन सरकार, उद्योग और उद्यमियों के बीच सार्थक संवाद के साथ संपन्न हुआ। आगामी सत्रों में तकनीकी, वित्तीय और वैश्विक अवसरों पर और गहन चर्चा की जाएगी।
