जनपद में नकली, अवैध दवाओं के सिंडिकेट को तोड़ने की कार्यवाही में कई विभाग होंगे शामिल,15 से अधिक विभागों के अधिकारियों संग हुई संयुक्त कार्यशाला

Press Release उत्तर प्रदेश
जिलाधिकारी अरविन्द मल्लप्पा बंगारी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय एनसीसीओआरडी कमेटी व नशामुक्ति रोकथाम समिति की बैठक एवं अन्तर विभागीय कार्यशाला का आयोजन कलेक्ट्रेट सभागार में हुआ सम्पन्न।
वर्कशॉप में पूर्व डीजीपी गुजरात व फोरेंसिक कंसल्टेंट केशव कुमार ने दिया प्रेजेंटेशन, ’वर्कशॉप में हुए मंथन से एसओपी बनाये जाने हेतु जिलाधिकारी ने दिए निर्देश।
 आगरा-30.08.2025/आज जिलाधिकारी श्री अरविन्द मल्लप्पा बंगारी जी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय एनसीसीओआरडी कमेटी व नशामुक्ति रोकथाम समिति की बैठक एवं अन्तर विभागीय कार्यशाला का आयोजन कलेक्ट्रेट सभागार में सम्पन्न हुआ।
कार्यशाला में बताया गया कि उत्तर प्रदेश में ही नहीं समस्त भारत में नशीली,नकली दवाओं के संगठित कारोबार का दायरा बढ़ा है, संबंधित विभागों द्वारा कार्यवाही भी की जा रही हैं लेकिन वो नाकाफी है, नकली दवाओं के सिंडिकेट या रैकेट को जब पकड़ा जाता है तब संबंधित विभाग कार्यवाही करता है अगर मौके पर ही वैज्ञानिक प्रविधियों से साक्ष्य संकलन कर विभिन्न विभाग गहराई से संयुक्त जांच कर कार्यवाही करें तो नकली, नशीली दवाओं के सिंडिकेट पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है। पूर्व पुलिस महानिदेशक महोदय ने बताया कि नकली, नशीली दवाओं के कारोबार में संलिप्त आरोपियों के विरूद्ध मात्र 02 प्रतिशत दोष सिद्धि हो पाती है तथा रेजोल्व केस का 5.9 प्रतिशत है। उन्होंने बताया कि नशीली,नकली दवाओं के संगठित कारोबारी आधुनिक तकनीकी तथा विभिन्न उपायों का प्रयोग करते हैं, उन्होंने उदाहरण देते हुए समझाया कि एक्सपायर दवाओं, पैक्ड खाद्य पदार्थों की एक्सपायरी डेट स्कैनर के माध्यम से बदल दी जाती है, जब भी रैकेट पकड़ा जाए तो विभिन्न विभागों यथा ड्रग, पुलिस, नगर-निगम, जीएसटी, श्रम विभाग, आयकर, खाद्य व औषधि प्रशासन आदि विभागों द्वारा संयुक्त कार्यवाही की जाए, जिससे नशीली,नकली दवाओं के संगठित कारोबार में पकड़े जाने वालों के विरूद्ध कार्यवाही की जाए, तो न्यायालय में आरोपियों के विरूद्ध दोष सिद्धि शत-प्रतिशत की जा सकती है। उन्होंने नशीली,नकली दवाओं के संगठित कारोबार के विभिन्न पहलूओं, ट्रान्सपोर्टेशन सिस्टम, डिजिटल ऑटोप्सी, भुगतान प्रक्रिया पर विस्तार से प्रकाश डाला।
  जनपद आगरा में भारी मात्रा में नकली दवाओं के पकड़े जाने के दृष्टिगत नकली दवाओं के अवैध कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने हेतु अन्तर विभागीय समन्वय स्थापित कर समेकित प्रभावशाली कार्यवाही करने की बात कही।
जिलाधिकारी महोदय ने कार्यशाला में उपस्थित विभिन्न विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि नशीली,नकली दवाओं के विरूद्ध सभी सम्बन्धित विभाग समन्वय स्थापित कर समेकित प्रभावशाली कार्यवाही करने तथा कार्यशाला में हुए मंथन से एक एसओपी तैयार करने के भी निर्देश दिए। बैठक में प्रश्नोत्तर सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें सम्बन्धित विभागों के अधिकारियों द्वारा पूछे गये प्रश्नों के उत्तर पूर्व डीजीपी गुजरात व फोरेंसिक कंसल्टेंट श्री केशव कुमार जी व उनकी टीम द्वारा दिए गये।
जिला स्तरीय एनसीसीओआरडी कमेटी व नशामुक्ति रोकथाम समिति की बैठक में पुलिस विभाग एनडीपीएस के अपराध और आबकारी विभाग द्वारा अवैध शराब के तस्करी विरुद्ध कार्यवाही का विवरण, एंटीनारकोटिक्स टास्क फोर्स द्वारा अवैध मादक पदार्थ के अपराध की गई कार्यवाही की समीक्षा की गई तथा जनपद में संचालित नशा मुक्ति केन्द्रों का विवरण तलब किया तथा निर्देश दिए कि जो विभाग मद्य निषेध विभाग में पंजीकृत नहीं है, उन पर पुलिस व मद्य निषेध विभाग संयुक्त रूप से नोटिस देकर उनको मानक के अनुरूप संचालित कराये जाने को निर्देशित किया। बैठक में जनपद के सभी कालेजों, विद्यालयों में मद्य निषेध व सिविल डिफेंस संयुक्त रूप से प्रभावी जागरूकता कार्यक्रम चलाये जाने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि मद्य निषेध विभाग द्वारा संचालित 1933 मानस टेलीफोन नंबर पर कोई भी व्यक्ति अवैध मादक पदार्थ की तस्करी की सूचना निःशुल्क दे सकता है तथा नशामुक्ति व काउंसलिंग हेतु टॉल फ्री नम्बर 14446 पर टोल फ्री कॉल कर सहायता प्राप्त की जा सकती है।
बैठक में अपर जिलाधिकारी नगर श्री यमुनाधर चौहान, डीसीपी सिटी सोनम कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट श्री वेद सिंह चौहान, सहायक आयुक्त खाद्य श्री महेन्द्र श्रीवास्तव, एसीपी शमशाबाद ग्रिस कुमार, जिला आबकारी अधिकारी श्री कृष्णपाल यादव, जीएसटी से मृत्युंजय कुमार सिंह, सिविल डिफेंस से संगीता त्रिपाठी, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डा0 संजीव वर्मा, एन्टीनारकोटिक्स विभाग, मण्डल के समस्त ड्रग इंस्पेक्टर सहित 15 से अधिक सम्बन्धित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी आदि मौजूद रहे।

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