आगरा में गूँजी ‘डायमंड बॉल’ की धमक राजकीय इंटर कॉलेज आगरा ओर मथुरा बने चैंपियन

SPORTS उत्तर प्रदेश

आगरा।* ताजनगरी के खेल जगत में रविवार को एक नया इतिहास रचा गया। बलूनी स्कूल ऑफ कॉम्पटीशन एवं आगरा रीजनल डायमंड बॉल संघ के संयुक्त तत्वावधान में *’प्रथम यूथ इंटर डिस्ट्रिक्ट डायमंड बॉल चैंपियनशिप एवं डेमोंस्ट्रेशन’** का भव्य आयोजन किया गया। बलूनी स्कूल के मैदान पर आयोजित इस प्रतियोगिता में 16 टीमों ने अपना दमखम दिखाया, जहाँ पुरुष वर्ग में राजकीय इंटर कॉलेज (GIC) आगरा ओर महिला वर्ग में मथुरा ने खिताबी जीत हासिल की।

रोमांचक मुकाबले: अंतिम क्षणों तक थमी रहीं सांसें
पुरुष वर्ग: सेमीफाइनल मुकाबलों में आगरा ने संत गोपाल दास टीम को 5-0 से और राजकीय इंटर कॉलेज (GIC) ने मथुरा को 6-0 से हराकर फाइनल का टिकट कटाया। फाइनल मुकाबला बेहद हाई-स्कोरिंग रहा, जिसमें GIC आगरा ने आगरा की टीम को 7-5 से पराजित कर विजेता बनने का गौरव प्राप्त किया।

महिला वर्ग: पहले सेमीफाइनल में आगरा ने संत गोपाल दास स्कूल को 4-2 से मात दी, वहीं मथुरा ने सुख जीवन स्पोर्ट्स एकेडमी को 3-1 से हराकर फाइनल में प्रवेश किया। खिताबी मुकाबले में मथुरा ने अपनी श्रेष्ठता सिद्ध करते हुए आगरा को रोमांचक 2-1 के अंतर से हराकर ट्रॉफी अपने नाम की।

विरासत को नई पहचान: ‘गुरखी गोला’ से ‘डायमंड बॉल’ तक
डायमंड बॉल इंडिया के अध्यक्ष और ‘फादर ऑफ डायमंड बॉल’ कहे जाने वाले राजीव सोई ने खेल के विजन पर प्रकाश डालते हुए कहा:
“प्रधानमंत्री  के आशीष वचनों से प्रेरित होकर हम इस प्राचीन खेल, जिसे पहले ‘गुरखी गोला’ के नाम से जाना जाता था, को एक नई पहचान दिलाना चाहते हैं। हमारा लक्ष्य है कि भविष्य में आगरा को केवल ताजमहल ही नहीं, बल्कि ‘डायमंड बॉल’ के शहर के रूप में भी जाना जाए।”

खेल की तकनीकी बारीकियां
तकनीकी अधिकारी डॉ. देशदीपक कुलश्रेष्ठ ने बताया कि यह खेल बेहद रोमांचक और शारीरिक दक्षता की मांग करने वाला है:
*मैदान का माप: 34 मीटर लंबा और 22 मीटर चौड़ा।
*खिलाड़ी: कुल 14 खिलाड़ी (7 मैदान पर और 7 सब्स्टीट्यूट)।
*विशेषता: इसमें गोलकीपर और सेंटर प्लेयर की किट अलग होती है। खेल चार क्वार्टर में खेला जाता है। ओर डायमंड आकर की रिंग के चार पोल होते है।
शिक्षाविदों का समर्थन बलूनी स्कूल ऑफ कॉम्पटीशन के जेएमडी ऋषि सिंह और प्रधानाचार्य जेवियर मिरिंडा ने खेल की सराहना करते हुए कहा कि डायमंड बॉल बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए एक उत्कृष्ट माध्यम है। उन्होंने भविष्य में भी इस खेल को पूर्ण सहयोग देने का संकल्प दोहराया

प्रतियोगिता का उद्घाटन और पुरस्कार वितरण राजीव सोई, ऋषि सिंह, जेवियर मिरिंडा, दया शंकर (डायरेक्टर, संत गोपाल स्कूल) और डॉ. देशदीपक कुलश्रेष्ठ द्वारा किया गया।
*निर्णायक मंडल में अंशु, अंकित, राहुल, कृष्ण, रिहान, प्रशांत, मोहित और दीपक रहे।
प्रतियोगिता का संचालन तरुण चतुर्वेदी ने किया।
शारीरिक शिक्षा विभाग से दीपक कुमार, योगेश थापा, अमित कुमार, संजय नेहरू और के.पी. सिंह यादव मौजूद रहे।

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