
मुरलीपुरा, जयपुर में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का विश्राम दिवस भक्ति, श्रद्धा एवं आध्यात्मिक उल्लास के साथ अत्यंत भव्य रूप में संपन्न हुआ। इस अवसर पर वृन्दावन से पधारे विद्वान शास्त्री जी द्वारा वैदिक विधि-विधान एवं मंत्रोच्चार के साथ विशाल हवन महायज्ञ का आयोजन किया गया। जिसमें क्षेत्र के श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर सहभागिता की, सभी भक्तों ने हवन यज्ञ की पूर्णाहुति में आहुति अर्पित कर पुण्य लाभ प्राप्त किया।
कथा वाचिका पूज्या पं. गरिमा किशोरी ने अपने ओजस्वी एवं करुणामयी आशीर्वचन प्रदान कर समस्त भक्तजनों को अनुग्रहित किया,भक्ति रस से सराबोर वातावरण में भगवान के मधुर भजनों पर श्रद्धालु भाव-विभोर होकर झूम उठे और नृत्य के माध्यम से प्रभु भक्ति प्रकट की, तत्पश्चात विशाल आरती का आयोजन हुआ, जिसके बाद श्रद्धा भाव से आयोजित भंडारे में सभी भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर समस्त भक्तों ने पूज्या गरिमा किशोरी जी को भावपूर्ण विदाई दी एवं प्रभु से यह कामना की कि शीघ्र ही मुरलीपुरा पुनः श्रीमद्भागवत कथा के दिव्य आयोजन का साक्षी बने।
इस पावन आयोजन में जेठवानी परिवार द्वारा सातों दिन कथा श्रवण हेतु पधारे समस्त श्रद्धालुओं, संतजनों एवं धर्म प्रेमियों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया गया, वहीं समाजसेवी श्याम भोजवानी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे धार्मिक एवं आध्यात्मिक आयोजनों से न केवल मन को शांति प्राप्त होती है, बल्कि समाज में सद्भाव, संस्कारों की वृद्धि एवं क्षेत्र के समग्र उत्थान का मार्ग भी प्रशस्त होता है।
आयोजन की सफलता में सहयोग देने वाले समस्त सेवाभावी कार्यकर्ताओं एवं श्रद्धालुओं का आयोजकों द्वारा हृदय से धन्यवाद ज्ञापित किया गया। इनमें मुख्य रूप से
हेमा, योगेश, अर्पिता,भारत, नीलम, राहुल, भारती, प्रदीप, पदमा, दीपा, वर्षा, लता, ज्योति आदि मौजूद रहे।


