
भारतीय रेलवे ने एक बार फिर सिद्ध किया है कि वह केवल देश की जीवन रेखा ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा का एक अभेद्य स्तंभ भी है। उच्च प्राथमिकता वाले राष्ट्रीय मिशन ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन और कुशल नागरिक-सैन्य समन्वय के लिए थल सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने भारतीय रेलवे एवं सेना सहित विभिन्न क्षेत्रों जुड़े कर्मियो की सराहना करते हुए चुनिंदा अधिकारियों को सम्मानित किया है।
इस सम्मान सूची में उत्तर मध्य रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी श्री अखिल शुक्ला का नाम प्रमुखता से उभरा है, जिन्हें झांसी परिक्षेत्र में रेल संचालन को नई ऊंचाइयों पर ले जाने और मिशन की सफलता सुनिश्चित करने के लिए थल सेना प्रमुख (COAS) प्रशंसा पत्र से नवाजा गया है।
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान झांसी मंडल में वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक (Sr. DOM) के रूप में तैनात रहते हुए श्री अखिल शुक्ला ने असाधारण नेतृत्व का परिचय दिया। सेना की परिवहन सम्बन्धी आवश्यकताओं के लिए रेक उपलब्ध कराने और अन्य परिचालन संबंधी कार्यवाहियों एवं समन्वयन में में उनकी भूमिका निर्णायक रही।
ज्ञात हो कि 2013 बैच के भारतीय रेल यातायात सेवा (IRTS) के अधिकारी श्री अखिल शुक्ला ने अपनी मेधा और प्रशासनिक कुशलता से रेलवे के विभिन्न पदों पर अमिट छाप छोड़ी है। उन्होंने प्रतिष्ठित संस्थान KNIT सुल्तानपुर से कंप्यूटर साइंस में बी.टेक किया है।
श्री शुक्ला ने उत्तर मध्य रेलवे में सहायक परिचालन प्रबंधक (प्रयागराज), मंडल परिचालन प्रबंधक (फ्रेट/प्रयागराज) और झांसी मंडल में मंडल वाणिज्य प्रबंधक तथा वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक (फ्रेट) जैसे महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दी हैं। इसके अतिरिक्त श्री शुक्ल ने, प्रादेशिक सेना में लेफ्टिनेट के पद पर भी अपनी सेवाएं प्रदान की है |
वर्तमान में, वह उत्तर मध्य रेलवे के महाप्रबंधक के सचिव (Secretary to GM) सह उप महाप्रबंधक के रूप में कार्यरत हैं।
राष्ट्रीय सुरक्षा और रेलवे का तालमेल
यह सम्मान न केवल श्री अखिल शुक्ला की व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि यह झांसी मंडल और उत्तर मध्य रेलवे की उस कार्यक्षमता का भी प्रमाण है जो कठिन से कठिन परिस्थितियों में राष्ट्र की रक्षा हेतु सशस्त्र बलों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी रहती है।
