
आगरा। कथा व्यास पंडित पवन शास्त्री ने छठवें दिन श्री मद्भागवत कथा का शुभारंभ मंगलाचरण और श्री मद्भागवत की स्तुति करते हुए किया। आज की कथा में व्यास जी ने भगवान श्री कृष्ण ने गोवर्धन पर्वत को किस तरह अपने बाहे हाथ की कनिष्ठा उंगली के नख पर धारण किया उसको विस्तार से श्रवण कराया। कृष्ण-बलराम जी द्वारा संतों के भोजन मध्य उनकी घमंडी पत्नियों का चित्रण, श्री कृष्ण का गोपियों के साथ 6 महीने तक महारास ने दिल की अंतरात्मा को झकझोर कर रख दिया। उद्धव जी गोपियों को समझाने एक दिन के लिए गए थे लेकिन वहां गोपियों की भक्ति और सत्संग में 6 महीने तक डूबे रहे।
यह संवाद ने सभी को रुला दिया। श्री कृष्ण बलराम मथुरा जाकर कंस के चाणूर और मुष्टिक पहलवानों का वध करते हैं फिर कंस को उसकी गद्दी से फेंक कर मुष्टिक से प्रहार कर वध कर देते हैं। व्यास जी ने आज की कथा के सबसे अधिक आनंदकारी एवं रोमांचक पल श्री कृष्ण रुक्मिणी विवाह के प्रसंग को श्रवण कराकर किया इस विवाहोत्सव को विनोद अग्रवाल जी के परिवार सहित सभी कालौनी निवासियों ने नाच-गाकर हर्षोल्लास से मनाया। तत्पश्चात सभी ने कन्या दान की रस्म पूरी की।
श्री मद्भागवत कथा में विनोद अग्रवाल, सन्तोष अग्रवाल, श्रीमती कल्पना शास्त्री,गिरिराज अग्रवाल, जीतू अग्रवाल, निक्की अग्रवाल, मनोज नोतनानी पवन अग्रवाल, सुरेन्द्र सिंघल, महेश कुशवाहा, दीपक गहराना, जितेन्द्र दीक्षित, डाॅ धीरेन्द्र फौजदार, मवासी अग्रवाल, अयोध्या नाथ महिला भक्त मंडल, गौरव शर्मा, महेंद्र सिंह (मास्टर साहब) टीकम वर्मा, घनश्याम शर्मा, केदार लवानिया, इष्ट-मित्रों सहित समस्त कालोनी निवासी उपस्थिति रहे।


