
आगरा। शहर में बढ़ते प्रदूषण और गंदगी पर अंकुश लगाने के लिए नगर निगम प्रशासन ने सख्त रुख अपनाना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में उर्खरा क्षेत्र में पेठा फैक्ट्रियों द्वारा नहर में गंदगी और एसिड युक्त पानी बहाने का मामला सामने आने पर नगर निगम की टीम ने मौके पर ही कार्रवाई करते हुए संबंधित फैक्ट्री संचालकों से 25 हजार रुपये का जुर्माना वसूला।
उर्खरा क्षेत्र में पेठा निर्माण के दौरान निकलने वाला कचरा और धोने में उपयोग किया जाने वाला एसिड युक्त पानी सीधे पार्क माइनर नहर में बहाया जा रहा था। इससे न केवल जल प्रदूषण फैल रहा था, बल्कि आसपास के पर्यावरण पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा था।
जांच के दौरान यह पाया गया कि पेठा फैक्ट्री संचालक राजेन्द्र, अभिषेक दुबे, कप्तान सिंह, वीरेंद्र और संजय द्वारा लगातार नियमों की अनदेखी करते हुए अपशिष्ट और दूषित पानी नहर में छोड़ा जा रहा था। नगर निगम प्रशासन ने मौके पर ही कार्रवाई करते हुए सभी से जुर्माना वसूला और कड़ी चेतावनी दी कि भविष्य में यदि दोबारा इस प्रकार की लापरवाही पाई गई तो नियमानुसार विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
कार्रवाई का नेतृत्व जोनल स्वच्छता अधिकारी (जेड एस ओ) ताजगंज महेंद्र सिंह ने किया। उनके साथ स्वच्छता एवं खाद्य निरीक्षक (एस एफआई) योगेंद्र कुशवाहा, नीरेन्द्र धाकरे और मलखान सिंह भी मौजूद रहे। टीम ने फैक्ट्री संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए कि अपशिष्ट का निस्तारण केवल निर्धारित मानकों और नियमों के अनुसार ही किया जाए।
——नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल का वर्जन:
नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल ने कहा कि “शहर में गंदगी और जल प्रदूषण फैलाने वालों के खिलाफ नगर निगम की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। किसी भी कीमत पर पर्यावरण और जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सभी औद्योगिक इकाइयों को नियमों का पालन करना अनिवार्य है, उल्लंघन करने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।”
