धौलपुर–गढ़ी सांद्ररा नई रेल लाइन का रेल संरक्षा आयुक्त ने किया गहन निरीक्षण एवं गति परीक्षण
आगरा मंडल में रेल अवसंरचना के विकास एवं सुरक्षित रेल परिचालन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए धौलपुर–सरमथुरा रेल खंड के अंतर्गत धौलपुर–गढ़ी सांद्ररा नई रेल लाइन का दिनांक 31.10.2026 को रेल संरक्षा आयुक्त, उत्तर पूर्वी परिक्षेत्र श्री ई. श्रीनिवास द्वारा गहन निरीक्षण एवं गति परीक्षण किया गया। इस दौरान धौलपुर से गढ़ी सांदरा के बीच लगभग 19.8 किलोमीटर लंबी नई रेल लाइन का निरीक्षण किया गया।
धौलपुर–सरमथुरा रेलखंड का नैरोगेज से ब्रॉडगेज में आमान परिवर्तन होने से इस क्षेत्र में रेल कनेक्टिविटी के विस्तार, बेहतर रेल परिचालन तथा यात्रियों को आधुनिक रेल सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
निरीक्षण के दौरान रेल संरक्षा आयुक्त द्वारा मोटर ट्रॉली के माध्यम से नई रेल लाइन का विस्तृत निरीक्षण किया गया। सर्वप्रथम धौलपुर रेलवे स्टेशन के पैनल रूम का निरीक्षण कर सिग्नलिंग एवं परिचालन संबंधी व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया। इसके उपरांत धौलपुर से गढ़ी सांद्ररा रेल खंड में मोटर ट्रॉली के माध्यम से निरीक्षण करते हुए रेलवे ट्रैक, समपार फाटकों, सिग्नल प्रणाली एवं अन्य संरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं का बारीकी से परीक्षण किया गया।
निरीक्षण के क्रम में नुरपुरा रेलवे स्टेशन पहुंचकर स्टेशन पर उपलब्ध परिचालन एवं संरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं का परीक्षण किया गया एवं नुरपुरा–गढ़ी सांद्ररा रेल खंड का भी विस्तृत निरीक्षण किया गया। इसके पश्चात गढ़ी सांद्ररा रेलवे स्टेशन पहुंचकर स्टेशन पर उपलब्ध परिचालन एवं संरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं का परीक्षण किया गया।
निरीक्षण के उपरांत गढ़ी सांद्ररा से धौलपुर के मध्य सीआरएस स्पेशल ट्रेन द्वारा गति परीक्षण (स्पीड ट्रायल) किया गया। इस दौरान सीआरएस स्पेशल ट्रेन को 121 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से चलाकर नवनिर्मित रेल लाइन की क्षमता, ट्रैक की गुणवत्ता एवं निर्धारित तकनीकी मानकों का परीक्षण किया गया।
इस महत्वपूर्ण निरीक्षण एवं गति परीक्षण के दौरान रेल संरक्षा आयुक्त, उत्तर पूर्वी परिक्षेत्र ई. श्रीनिवास, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी/निर्माण अजीत सिंह यादव तथा मंडल रेल प्रबंधक, आगरा गगन गोयल सहित आगरा मंडल एवं मुख्यालय के संबंधित विभागों के अधिकारी एवं तकनीकी कर्मचारी उपस्थित रहे।
यह सीआरएस निरीक्षण एवं गति परीक्षण नई रेल लाइन पर रेल संरक्षा, निर्धारित तकनीकी मानकों तथा सुरक्षित एवं सुचारु रेल परिचालन सुनिश्चित करने की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण रहा।


