बाराबंकी। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में एक ऐसी शादी चर्चा का विषय बनी हुई है, जिसका क्लाइमेक्स किसी फिल्मी थ्रिलर से कम नहीं था। कोठी थाना क्षेत्र के एक गांव में सात फेरे हो चुके थे, मांग में सिंदूर भरा जा चुका था और दुल्हन विदा होने ही वाली थी कि तभी ‘नेग’ मांगने पहुंची किन्नरों की टोली ने दूल्हे का सारा राज फाश कर दिया।
किन्नरों ने देखते ही पहचाना “ये तो हमारा साथी है!”
शुक्रवार की रात जब शादी की रस्में पूरी होने के बाद किन्नरों की टोली नेग मांगने पहुंची, तो उनकी नजर दूल्हे पर पड़ी। दूल्हे को देखते ही किन्नर चौंक गए और दावा किया कि यह दूल्हा कोई और नहीं, बल्कि उन्हीं के साथ कुछ समय पहले तक टोलियों में घूमकर नेग मांगता था। जैसे ही यह खबर फैली, बारातियों में भगदड़ मच गई और वे मौका पाकर खिसक लिए।
पोल खुली तो देने लगा 23 हजार की ‘सेटिंग’
किन्नरों के खुलासे के बाद जब दुल्हन के घर वालों का माथा ठनका, तो दूल्हे ने मामले को रफा-दफा करने के लिए किन्नरों को 23 हजार रुपये देकर चुप कराने की कोशिश की। दूल्हे की यह ‘सेटिंग’ देखकर लड़की वालों का शक यकीन में बदल गया। जब परिजनों ने दूल्हे की जांच करने की बात कही, तो वह मंडप छोड़कर भागने लगा। हालांकि, ग्रामीणों ने उसे दौड़कर पकड़ लिया और बंधक बना लिया।
बगैर दुल्हन लौटी बारात
सूचना मिलते ही कोठी पुलिस मौके पर पहुंची। घंटों चली हाई-वोल्टेज पंचायत के बाद दोनों पक्षों के बीच लेन-देन का समझौता हुआ। पुलिस के मुताबिक, किसी भी पक्ष ने लिखित शिकायत (तहरीर) नहीं दी है, जिसके कारण कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की गई। अंततः, धोखाधड़ी की शिकार हुई दुल्हन ने विदा होने से साफ इनकार कर दिया और बारात खाली हाथ वापस लौट गई।
