सिंधी सेंट्रल पंचायत ने बनाई सिंधी भाषा के उत्थान की रणनीति, सिंधी भाषा पर सिंधी किताब का विमोचन किया
आगरा,10 अप्रैल । सिंधी भाषा का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार हो, इसके लिए समाज के हर घर में सिंधी भाषा बोली जाएगी। समाज के बुजुर्ग बच्चों को सिंधी भाषा और सिंधी संस्कृति के उत्थान के लिए प्रेरित करेंगे। सिंधी भाषा दिवस के मौके पर समाज की पंचायत में इस संबंध में कई अहम फैसले किए गए।दरेसी स्थित होटल लाल्स इन में की बैठक में सिंधी भाषा के प्रचार-प्रसार के लिए मंथन किया गया। । इसमें समाज से प्रबुद्धजन मौजूद रहे। बैठक में इस बात पर चिंता व्यक्त की गई कि सिंधी भाषा को अपनों की वजह से नुकसान हो रहा है। हम अपनी भाषा को नजरंदाज कर देते हैं। अपनी बोली से दूरी बना ली है। इस वजह से युवा पीढ़ी अपनी संस्कृति से दूर हो रही है। इससे सिंधी संस्कृति पर भी आंच आ रही है। इसलिए सिंधी भाषा और संस्कृति को संभालने की बहुत जरूरत है। इसके लिए बड़े बुजुर्गों को आगे आना होगा।
पंचायत की अध्यक्षता करते हुए सिंधी सेंट्रल पंचायत के अध्यक्ष चंद्र प्रकाश सोनी ने कहा कि सिंधी भाषा पर बहुत काम करने की जरूरत है। आज की पीढ़ी ने सिंधी भाषा से दूरी बनाई है, तो इसके लिए कहीं न कहीं वरिष्ठ पीढ़ी के प्रयासों की कमी बड़ा कारण है। अब इसके लिए अनुभवी व वरिष्ठ पीढ़ी को आगे आना होगा। नई पीढ़ी को अपनी भाषा की अहमियत समझानी होगी।
घनश्याम दास देवनानी ने कहा कि नई पीढ़ी को भी समझना होगा कि अपनी भाषा और संस्कृति को मिटने न दे। गागन दास रामानी ने कहा कोई भी भाषा बोलना बच्चा अपनी मां से सीखता है। मातृ भाषा बच्चे की पहचान होती है। घरों में जब मां अपने बच्चे को सिंधी सिखाएगी। तभी वह सिंधी भाषा का महत्व समझेगा।
सिंधी सेंट्रल पंचायत के मुख्य संरक्षक जीवत राम करीरा, गागन दास रामानी, अध्यक्ष चंद्र प्रकाश सोनी, मीडिया प्रभारी मेघराज दियालानी, राजकोठारी, किशोर बुधरानी,परमानंद आतवानी, सुशील नोतनानी, अशोक पारवानी, नरेश देवनानी, राजकुमार गुरनानी, भजन लाल प्रधान, दौलत खुबनानी,अमृत मखीजा, रोहित आयलानी, लक्ष्मण गोकलानी, हरीश मोटवानी,जगदीश डोडानी , अशोक कोडवानी,प्रीतम दास रामचंदानी,श्याम सुंदर रोहेरा, दर्शन थावानी, रमेश कल्याणी , महेश वाधवानी, गन्नू भाई आदि मौजूद रहे।
