उपराष्ट्रपति भवन, नई दिल्ली में सिंधी भाषा दिवस समारोह सम्पन्न

Press Release उत्तर प्रदेश

 

नई दिल्ली।  आज दिनांक 10 अप्रैल को देश की राजधानी नई दिल्ली स्थित उपराष्ट्रपति भवन में सिंधी भाषा दिवस बड़े ही गौरव, उत्साह एवं गरिमा के साथ मनाया गया। इस विशेष अवसर पर महामहिम उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन  के सानिध्य में आयोजित कार्यक्रम में देशभर से आए सिंधी समाज के प्रतिनिधियों ने गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई।
इस महत्वपूर्ण आयोजन में भारत सरकार के विधि एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी तथा इंदौर से सांसद  शंकर लालवानी सहित अनेक गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति ने कार्यक्रम की शोभा को और अधिक बढ़ाया।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति  ने कहा कि सिंधी भाषा भारत की प्राचीन सांस्कृतिक विरासत का एक महत्वपूर्ण अंग है, जिसे सहेजना और आगे बढ़ाना हम सभी का कर्तव्य है। उन्होंने सिंधी समाज के योगदान की सराहना करते हुए भाषा संरक्षण के लिए निरंतर प्रयास करने का आह्वान किया।

विधि एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने अपने संबोधन में कहा कि भारत की विविध भाषाएं हमारी शक्ति हैं और सिंधी भाषा का संवर्धन देश की सांस्कृतिक एकता को और मजबूत करता है। उन्होंने इस दिशा में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।
देश के विभिन्न भागों से आए लगभग 200 सिंधी समाज के प्रतिनिधियों ने एकजुट होकर यह संकल्प लिया कि वे विश्व की प्राचीनतम भाषाओं में से एक सिंधी भाषा को जीवित रखने, उसके संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरंतर कार्य करते रहेंगे। सभी ने यह भी शपथ ली कि वे अधिक से अधिक संवाद सिंधी भाषा में करेंगे और इस अमूल्य धरोहर को आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाएंगे।
कार्यक्रम के दौरान यह गौरवपूर्ण विचार भी प्रस्तुत किया गया कि सिंधी समाज, जिसकी जनसंख्या लगभग 1% है, देश के व्यापार, GDP एवं कर योगदान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। साथ ही यह भाव भी व्यक्त किया गया कि “हम शरणार्थी नहीं, बल्कि इस राष्ट्र की अभिन्न पहचान हैं — पहले भी हिन्दुस्तान में थे और आज भी हैं।”
इस अवसर पर उपराष्ट्रपति महोदय द्वारा भारत के संविधान को देवनागरी एवं अरबी लिपि में रूपांतरित विशेष पुस्तकों का विमोचन भी किया गया। इस कार्य के लिए श्री शंकर लालवानी जी के प्रयास एवं श्री अर्जुन राम मेघवाल जी के सहयोग के लिए समाज की ओर से आभार व्यक्त किया गया।
कार्यक्रम के उपरांत उत्कृष्ट अल्पाहार की व्यवस्था रही, जिसका सभी उपस्थितजनों ने आनंद लिया।
आगरा से सुशील नोतनानी ने सिंधी समाज का प्रतिनिधित्व करते हुए इस कार्यक्रम में सहभागिता की एवं समाज का नेतृत्व किया। उन्होंने इसे अपने जीवन का गौरवपूर्ण क्षण बताया।अंत में सभी ने एक स्वर में कहा सिंधी भाषा अमर रहे।

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