आगरा: ।श्री श्वेताम्बर स्थानकवासी जैन ट्रस्ट, आगरा के तत्वावधान में जैन स्थानक महावीर भवन में चल रहे चातुर्मास कल्प आराधना के अंतर्गत, आज ‘युवा दिवस’ का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में गोहाना, लुधियाना, पानीपत, दिल्ली, बिलासपुर, फरीदकोट, अंबाला, जयपुर और मुंबई सहित कई शहरों से आए श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया।
इस अवसर पर, छोटी बालिकाओं नव्या, रुद्रवी और अनाया जैन ने भक्तिपूर्ण गीत प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया।
आगम ज्ञान रत्नाकर बहुश्रुत श्री जय मुनि जी महाराज ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि युवा वर्ग पर पारिवारिक, सामाजिक, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय जिम्मेदारियां हैं। उन्होंने युवाओं से निराशा को त्यागकर स्वयं को सक्षम बनाने का आह्वान किया। महाराज श्री ने युवाओं को शराब, जुआ, मांसाहार, चोरी और झूठ जैसे कुव्यसनों से दूर रहने और इनका जीवन भर के लिए त्याग करने का संकल्प लेने को कहा। उन्होंने बच्चों को संस्कारी बनाने के लिए उन्हें गुरुओं से जोड़ने पर भी जोर दिया।
गुरु हनुमन्त हृदय सम्राट श्री आदिश मुनि जी महाराज ने अपने उद्बोधन में कहा कि युवाओं को सफलता के लिए अपने मन में उमंग और उत्साह बनाए रखना चाहिए और धर्म को जीवन में उतारना चाहिए। उन्होंने युवाओं को अनैतिक तरीके से पैसा कमाने की दौड़ और अनियंत्रित वासना व नशे से दूर रहने की सलाह दी, जिसे उन्होंने ‘जवानी का कीड़ा’ बताया। उन्होंने युवाओं से गुस्सा छोड़ने और संयमित जीवन जीने का आह्वान किया।
पूज्य विजय मुनि जी ने उपदेश देते हुए कहा कि धर्म श्रेष्ठ और मंगलकारी है, इसलिए अज्ञानता दूर करने और जीवन के उद्धार के लिए धर्म की शरण लेना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जीवन में सबसे बड़ा नुकसान धर्म का जाना है, जो धन, स्वास्थ्य और शांति के नुकसान से कहीं अधिक है।
इस दौरान, श्रद्धालुओं ने आज ‘श्री संभवनाथाय नमः’ की माला के जाप और सेब, समोसा और सॉस के त्याग का संकल्प लिया। इसके अतिरिक्त, खाने-पीने में झूठा न छोड़ने का भी संकल्प लिया गया।
आज की तपस्या में श्री बाल किशनजी ने पच्चीसवाँ आयंबिल और श्रीमती सरिता सुराणा ने चौथा उपवास किया।
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