कानून की शेरनी बनी स्काइडाइविंग क्वीन, न्यूज़ीलैंड में सना रहीस खान का एडवेंचर भरा ब्रेक

Entertainment

मुंबई (अनिल बेदाग): अदालतों की सख्त बहसों और चुनौतीपूर्ण मुकदमों से कुछ समय का विराम लेते हुए देश की जानी-मानी वकील सना रहीस खान ने इस बार कोर्टरूम की जगह आसमान को अपना मंच बना लिया। न्यूज़ीलैंड की खूबसूरत वादियों में सना का यह सफर किसी आम छुट्टी जैसा नहीं, बल्कि एक रोमांचक आत्मयात्रा बन गया।

बीते एक साल में कई चर्चित केसों में सफलता दर्ज करने के बाद सना अब खुद के लिए वक्त निकाल रही हैं। काले गाउन की जगह उन्होंने पहने बूट्स और स्नो जैकेट्स, और कोर्ट की बहसों की जगह चुनी 15,000 फीट की ऊंचाई से छलांग लगाने की हिम्मत। स्काइडाइविंग, ग्लेशियरों के ऊपर हेलिकॉप्टर राइड, बर्फ़ से ढकी चोटियों पर लैंडिंग, मिलफोर्ड साउंड के जादुई दृश्य, ग्लेनॉर्की की घाटियों में सैर और वानाका झील के किनारे तस्वीरें — सना का यह एडवेंचर मानो किसी फ़िल्म की कहानी हो।

हर तस्वीर में सना का वही रूप झलकता है — ताकत और शांति का अनोखा संतुलन। सना कहती हैं, “हर जीत के पीछे घंटों की मेहनत और तनाव छिपा होता है। काम और रोमांच के बीच संतुलन मेरे लिए ज़रूरी है। न्यूज़ीलैंड ने मुझे वो स्पेस दिया जहाँ मैं फिर से खुद से जुड़ सकी। 15,000 फीट से छलांग लगाना मेरे लिए सिर्फ़ एडवेंचर नहीं, बल्कि अपनी सीमाओं को परखने और डर को छोड़ देने का तरीका था।”

कोर्टरूम की क्रूसेडर से स्काइडाइविंग एडवेंचरर तक, सना की यह यात्रा बताती है कि असली ताकत सिर्फ़ डटे रहने में नहीं, बल्कि कभी-कभी छोड़ देने और उड़ जाने में भी होती है।

वापसी पर उनकी मुस्कान और ऊर्जा इस बात का प्रमाण हैं कि यह सिर्फ़ एक ट्रिप नहीं, बल्कि खुद से जुड़ने और नई ऊर्जा पाने की यात्रा थी।

“एडवेंचर आपको विनम्र बनाता है,” सना मुस्कुराते हुए कहती हैं। “ये सिखाता है कि आप एक साथ शक्तिशाली और शांत हो सकते हैं। यही संतुलन मैं अपनी ज़िंदगी और पेशे में बनाए रखना चाहती हूँ।”

सना रहीस खान की यह कहानी सिर्फ़ प्रेरक नहीं, बल्कि यह याद दिलाती है कि कभी-कभी आसमान ही सबसे अच्छा कोर्टरूम होता है — जहाँ फैसले हम खुद के लिए लिखते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *