आगरा। यात्रियों एवं रेलवे कर्मचारियों को स्वच्छ, सुरक्षित एवं शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आगरा मंडल द्वारा पेयजल की गुणवत्ता की नियमित निगरानी एवं जांच की जा रही है। स्वास्थ्य निरीक्षकों द्वारा पेयजल बूथों, प्लेटफार्मों, वाटर कूलरों तथा आरओ सिस्टम का लगातार निरीक्षण किया जा रहा है।
दिनांक 12 से 18 सितंबर 2026 के दौरान आगरा मंडल में विभिन्न प्रकार के कुल 102 जल परीक्षण किए गए। इनमें 86 अवशिष्ट क्लोरीन (Residual Chlorine) परीक्षण, 13 बैक्टीरियोलॉजिकल परीक्षण तथा 03 रासायनिक परीक्षण शामिल हैं। जल नमूनों की जांच प्रक्रिया वर्तमान में जारी है।
जल गुणवत्ता की निगरानी के दौरान पाए जाने वाली कमियों को त्वरित सुधार के लिए संबंधित इंजीनियरिंग एवं इलेक्ट्रिकल विभागों को भेजा जाता है, ताकि आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
प्रमुख स्टेशनों पर मासिक आधार पर तथा अन्य स्टेशनों पर प्रति छह माह बैक्टीरियोलॉजिकल परीक्षण कराया जा रहा है। सफाई – पेयजल व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए आगरा मंडल में 20 अगस्त 2026 से विशेष सफाई एवं कीटाणुशोधन अभियान भी चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत आगरा मंडल में स्थित 2652 ओवरहेड, भूमिगत एवं पीवीसी पानी की टंकियों की सफाई एवं कीटाणुशोधन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।18 सितंबर 2026 तक 2490 पानी की टंकियों की सफाई एवं कीटाणुशोधन का कार्य पूरा किया जा चुका है, जो निर्धारित लक्ष्य का लगभग 93.89 प्रतिशत है। शेष टंकियों की सफाई एवं कीटाणुशोधन का कार्य भी अभियान के तहत लगातार किया जा रहा है।
आगरा मंडल द्वारा जल गुणवत्ता की नियमित जांच, पेयजल सुविधाओं की निगरानी तथा पानी की टंकियों की सफाई एवं कीटाणुशोधन के माध्यम से यात्रियों एवं रेलवे कर्मचारियों के लिए स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।


