
आगरा। मंडल रेल प्रबंधक गगन गोयल के निर्देशन में व वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त आगरा एस रामकृष्णन के मार्गदर्शन में रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने ‘नन्हे फरिश्ते’ नामक एक ऑपरेशन में अग्रणी रहा है।यह एक मिशन जो विभिन्न भारतीय रेलवे जोनों में पीड़ित बच्चों को बचाने के लिए समर्पित है।
‘नन्हे फरिश्ते’ सिर्फ एक ऑपरेशन से कहीं अधिक है; यह उन हजारों बच्चों के लिए एक जीवन रेखा है जो खुद को अनिश्चित परिस्थितियों में पाते हैं।
आगरा मंडल आरपीएफ ने माह जनवरी से सितंबर -2026 तक ‘ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते’ के तहत कुल 101 पीड़ित बच्चों को बचाया, जिनमें 58 लड़के और 43 लड़कियां दोनों शामिल हैं। जिनमें लापता, अपहृत,मानसिक रूप से विक्षिप्त और बेघर बच्चों के रूप में पहचाने गए।आगरा आरपीएफ ने अपने प्रयासों से, न केवल बच्चों को बचाया है, बल्कि घर से भागे हुए और लापता बच्चों की दुर्दशा के बारे में जागरूकता भी बढ़ाई है, आरपीएफ का ऑपरेशन का दायरा लगातार बढ़ रहा है, रोज नई चुनौतियों का सामना कर भारत के विशाल रेलवे नेटवर्क में बच्चों के लिए एक सुरक्षित वातावरण बनाने का प्रयास कर रहा है एवं ट्रैक चाइल्ड पोर्टल पर बच्चों की पूरी जानकारी उपलब्ध रहती है।


