नई दिल्ली: भारत-अमेरिका व्यापार समझौते (Trade Deal) को लेकर देश में सियासी पारा चढ़ गया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा कपास किसानों और टेक्सटाइल सेक्टर की बर्बादी की आशंका जताने के बाद, केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने मोर्चा संभाल लिया है। गोयल ने राहुल गांधी पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि उनके पास ‘झूठ और फरेब’ के अलावा कुछ नहीं है और वे सच्चाई से कोसों दूर हैं।
पीयूष गोयल ने कहा कि राहुल गांधी के बयान तथ्यों पर आधारित नहीं हैं। उनके मुताबिक, आयात के बाद प्रोसेस कर निर्यात करने की नीति नई नहीं, बल्कि लंबे समय से विदेश व्यापार नीति का हिस्सा रही है। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था में ज़ीरो ड्यूटी का प्रावधान होता है, जिससे उद्योग और रोजगार दोनों को फायदा मिलता है।
केंद्रीय मंत्री का दावा है कि भारत की कपास उत्पादन क्षमता और मांग दोनों बढ़ेंगी। उनका कहना है कि टेक्सटाइल सेक्टर में अवसर बढ़ने से किसानों और उनके परिवारों के लिए रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि वैश्विक टेक्सटाइल बाजार का बड़ा हिस्सा अब भारत के लिए उपलब्ध है।
वहीं राहुल गांधी ने एक वीडियो संदेश में केंद्र सरकार पर किसानों और निर्यातकों के हितों की अनदेखी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अमेरिकी कपास के आयात से भारतीय किसान प्रभावित हो सकते हैं, जबकि आयात न करने की स्थिति में टेक्सटाइल उद्योग प्रतिस्पर्धा में पिछड़ सकता है। उन्होंने बांग्लादेश की ओर से कपास आयात घटाने के संकेत का भी जिक्र किया।
ट्रेड डील को लेकर दोनों पक्षों के दावे और आशंकाएं अब राजनीतिक बहस का विषय बन गए हैं, जबकि किसान और उद्योग जगत इस पर स्पष्ट नीति और असर का इंतजार कर रहे हैं।
