आगरा के आलू किसान झारखंड में अपनी फसल बेचने को तैयार बशर्ते सरकार हस्तक्षेप करें

Press Release उत्तर प्रदेश

आगरा के आलू किसानों लक्ष्मीनरायन बघेल, कुलदीप रावत, कुमर पाल, कल्लू सिंह और श्याम सिंह चाहर ने रांची में सेमिनार में भाग लिया

रांची, 9 जनवरी। आलू  उत्पादक किसानों की गोष्ठी आज रांची में हुई। इसमें आगरा के आलू किसान लक्ष्मीनरायन बघेल, कुलदीप रावत, कुमर पाल , कल्लू सिंह और श्याम सिंह चाहर ने भाग लिया। इसमें आगरा के आलू किसानों ने कहा कि उत्तर प्रदेश और झारखंड सरकार के मध्य समझौता हो जाए तो आगरा के आलू किसान अपनी फसल रांची के बाजार में बेचने को तैयार हैं। बशर्ते किसानों के साथ पैसे के लेनदेन में कोई बेईमानी न हो। गोष्ठी में आलू उत्पादक लक्ष्मीनरायन ने कहा कि हम गुल्ला टाइप का आलू रांची में बेचने को तैयार हैं। इन्होंने कहा हमारे आगरा के आलू की क्वालिटी अच्छी है। आगरा और आसपास के जिलों से आलू आधे भारत में सप्लाई होता है।

आगरा के आलू उत्पादक किसानों ने कहा कि झारखंड सरकार अच्छा बीज दे तो हम उत्पादन कर अपनी फसल बेचने को तैयार हैं। इस गोष्ठी में यूपी सरकार की तरफ से शैलेंद्र कुमार सुमन ,  भूषण प्रसाद सिंह तथा झारखंड उद्यान विभाग के प्रमुख सचिव  प्रदीप प्रसाद हजारी ,उद्यान उप निदेशक  मदन कुमार आदि मौजूद रहे। किसानों की सेमिनार रांची परल रेजिडेंसी में आयोजित हुई।
यूपी सरकार की तरफ से कई जिलों के किसानों ने इस सेमिनार में भाग लिया।  आगरा के किसानों ने झारखंड सरकार से मांग की कि आगरा मंडल आलू  की राजधानी है। यहां की सरकार यूपी सरकार से बात करे। यूपी सरकार के अधिकारी किसानों के साथ हैं और सरकार किसानों के साथ है ।  झारखंड के व्यापारी और सरकार यूपी सरकार व  किसानों के साथ आलू का व्यापार करने को तैयार है। दोनों सरकारों के बीच में रेट तय होनी चाहिए जिससे किसानों के साथ अन्याय नहीं हो । क्योंकि व्यापारियों और किसानों के पैसे को अन्य प्रदेश के व्यापारी गबन कर फसल का आधा दाम ही देते हैं। इसलिये डर लगता है। इस डर को खत्म करना पड़ेगा।

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