लखनऊ। उत्तर प्रदेश में भाजपा के नए प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद अब योगी सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार और संगठनात्मक बदलाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। इसी क्रम में मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में उनके सरकारी आवास पर कोर कमेटी की अहम बैठक हुई। करीब सवा घंटे चली इस बैठक में मंत्रिमंडल विस्तार के साथ-साथ प्रदेश संगठन में संभावित फेरबदल पर गहन चर्चा की गई।
सूत्रों के अनुसार बैठक में प्रस्तावित मंत्रिमंडल विस्तार की रूपरेखा पर विचार हुआ और इस पर कोर कमेटी के भीतर लगभग सहमति बन गई है। माना जा रहा है कि दिल्ली से हरी झंडी मिलते ही किसी भी समय योगी मंत्रिमंडल का विस्तार किया जा सकता है। इसके बाद भाजपा के प्रदेश संगठन के पुनर्गठन की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है।
मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पूरे दिन लखनऊ में रहे। देर शाम उनके आवास पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक के साथ ही संघ से जुड़े वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे। सभी नेता करीब सवा घंटे तक मुख्यमंत्री आवास पर रहे।
बैठक में सबसे अधिक फोकस मंत्रिमंडल विस्तार पर रहा। सूत्रों का कहना है कि नए प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी सहित लगभग आधा दर्जन विधायकों को मंत्री बनाए जाने के विकल्पों पर गंभीरता से विचार किया गया। साथ ही 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए जातीय और क्षेत्रीय संतुलन पर विशेष जोर देने के सुझाव भी सामने आए। इसी फार्मूले के आधार पर प्रदेश संगठन के पुनर्गठन पर भी सहमति बनने की बात कही जा रही है।
बैठक के बाद प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी देर रात दिल्ली रवाना हो गए। वहीं, बुधवार को कोर कमेटी से जुड़े कुछ अन्य नेताओं के भी दिल्ली जाने की संभावना है। सूत्रों के मुताबिक दिल्ली में हाईकमान को कोर कमेटी की बैठक में हुई चर्चाओं और प्रस्तावों से अवगत कराया जाएगा, जिसके बाद योगी मंत्रिमंडल के विस्तार पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
