पवन खेड़ा का मोदी-योगी सरकार पर बड़ा हमला; बोले— “जो संतों का सम्मान न कर सके, वो ना काम के हैं, ना राम के”

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नई दिल्ली। कांग्रेस के एआईसीसी मीडिया एवं पब्लिसिटी विभाग के चेयरमैन पवन खेड़ा ने सोमवार को कांग्रेस मुख्यालय में प्रेस कांफ्रेंस कर केंद्र की मोदी सरकार और उत्तर प्रदेश की योगी सरकार पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 12 साल से सत्ता में हैं और जिनकी वजह से ये सत्ता में बैठे हैं, उनके साथ कैसा व्यवहार किया जा रहा है, यह पूरी दुनिया देख रही है।

पवन खेड़ा ने आरोप लगाया कि सत्ता में आने से पहले नरेंद्र मोदी ने खुद को “हिंदुओं का मसीहा” बताने की कोशिश की थी, लेकिन सत्ता में रहते हुए उनके शासन में हालात उलट नजर आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने 12 वर्षों में जनता के मुद्दों से ध्यान हटाकर “दिखावे की राजनीति” को प्राथमिकता दी।

“महंगे शौक, महंगी राजनीति” का आरोप

पवन खेड़ा ने प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि सत्ता में रहते हुए “80 हजार रुपये किलो मशरूम खाने”, “डायमंड फेशियल कराने”, “करोड़ों के दो जेट खरीदने”, “महंगी गाड़ियों में घूमने” और “महंगे कपड़े पहनने” जैसी बातें जनता के बीच संदेश देती हैं कि सरकार आम आदमी से कट चुकी है।

उन्होंने सवाल उठाया कि सरकार की राजनीति में अल्पसंख्यकों का क्या स्थान है, यह भी देश जानता है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुसलमानों के शिक्षा संस्थानों को लेकर भी भेदभावपूर्ण रवैया अपनाया जाता है।

शंकराचार्य विवाद पर सरकार को घेरा

पवन खेड़ा ने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के साथ हुए कथित दुर्व्यवहार को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि शंकराचार्य का “अपराध” सिर्फ इतना है कि वे सरकार की जय-जयकार नहीं करते, बल्कि सवाल उठाते हैं।

उन्होंने कहा कि शंकराचार्य अधूरे मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा पर सवाल करते हैं, महाकुंभ/माघ मेले की व्यवस्थाओं पर टिप्पणी करते हैं, कोविड काल में गंगा में बहती लाशों पर सरकार से जवाब मांगते हैं

पवन खेड़ा ने कहा कि इस घटना के बाद शंकराचार्य अनशन पर बैठे हैं, लेकिन सरकार को कोई फर्क नहीं पड़ रहा। उन्होंने दावा किया कि अगर कोई संवेदनशील सरकार होती तो ऐसी घटना पर शर्मसार हो जाती।

“ट्रोल आर्मी झोंक दी गई” का दावा

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने शंकराचार्य के खिलाफ पूरी “ट्रोल आर्मी” सक्रिय कर दी है, क्योंकि वे सत्ता के सामने नतमस्तक नहीं होते। पवन खेड़ा ने कहा कि “राजा के सामने संत नहीं झुकता, बल्कि संत के आगे राजा झुकता है।”

उन्होंने प्रधानमंत्री से इस पूरे मामले में हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा कि अगर कार्रवाई नहीं हुई तो “सनातनी नहीं, धनातनी” कहे जाएंगे।

“शाही स्नान की परंपरा में विघ्न” का आरोप

पवन खेड़ा ने कहा कि मौनी अमावस्या के अवसर पर शाही स्नान की परंपरा सदियों पुरानी है, जिसे न मुगलों ने रोका और न अंग्रेजों ने, लेकिन अब उसी परंपरा में बाधा डाली गई। उन्होंने दावा किया कि शंकराचार्य को पालकी पर संगम जाने से रोक दिया गया, जबकि दूसरी ओर कुछ “विशेष लोगों” को सुरक्षा और सुविधाएं दी जा रही हैं।

उन्होंने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत की सुरक्षा व्यवस्था का जिक्र करते हुए सवाल उठाया कि क्या अब शंकराचार्य से भी बड़े लोग तय कर दिए गए हैं।

“आस्था व्यापार बन गई है”

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि महाकुंभ/माघ मेले में बड़े और अमीर लोगों के लिए अलग व्यवस्था की जाती है, जबकि संतों और आम श्रद्धालुओं के साथ दुर्व्यवहार होता है। उन्होंने कहा कि सरकार के लिए आस्था अब “व्यापार” बन चुकी है।

वाराणसी मणिकर्णिका घाट विवाद का भी जिक्र

पवन खेड़ा ने वाराणसी के मणिकर्णिका घाट से जुड़े मामले का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि देवी अहिल्याबाई होल्कर की मूर्ति तोड़े जाने की घटना सामने आई, लेकिन जिन लोगों ने इस पर आवाज उठाई, उन्हीं पर एफआईआर दर्ज करा दी गई। उन्होंने मुख्यमंत्री के “AI वीडियो” वाले बयान पर तंज कसते हुए कहा कि यह “AI नहीं, बेहयाई है।”

कांग्रेस का संदेश— “धर्म की राजनीति नहीं चलेगी”

पवन खेड़ा ने कहा कि कांग्रेस धर्म की राजनीति नहीं करती, लेकिन धर्म की आड़ में किए जा रहे “अन्याय और अपमान” को बर्दाश्त भी नहीं करेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में हर जगह कुव्यवस्था का आलम है और सत्ता के लिए धर्म का इस्तेमाल किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि भाजपा “लोगों को भक्त बनाती है और भक्तों को मूर्ख बनाती है”, जबकि देश को जरूरत है जवाबदेही और संवैधानिक व्यवस्था की।

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