लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के बीच ओम बिरला का फैसला, निर्णय तक नहीं संभालेंगे कुर्सी

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स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के बीच ओम बिरला का फैसला, निर्णय तक नहीं संभालेंगे कुर्सी
नई दिल्ली। लोकसभा स्पीकर के खिलाफ विपक्ष द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव के बाद ओम बिरला ने फैसला किया है कि प्रस्ताव पर चर्चा और निर्णय होने तक वे स्पीकर की कुर्सी पर नहीं बैठेंगे। माना जा रहा है कि बजट सत्र के दौरान 9 मार्च को इस प्रस्ताव पर चर्चा हो सकती है।

मंगलवार को विपक्षी दलों ने स्पीकर पर सदन की कार्यवाही में पक्षपात का आरोप लगाते हुए उन्हें हटाने का प्रस्ताव लोकसभा सचिवालय को सौंपा। इसके बाद बिरला ने संकेत दिया कि जब तक सदन इस पर निर्णय नहीं ले लेता, तब तक वे अध्यक्षीय आसन ग्रहण नहीं करेंगे।

इस प्रस्ताव पर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के हस्ताक्षर नहीं हैं। कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि संसदीय परंपरा के तहत विपक्ष के नेता द्वारा स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर हस्ताक्षर करना उचित नहीं माना जाता।

दरअसल, राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा के दौरान विपक्ष ने आरोप लगाया था कि राहुल गांधी को बोलने का पूरा अवसर नहीं दिया गया और कांग्रेस की महिला सांसदों के साथ अनुचित व्यवहार हुआ। इसी के विरोध में स्पीकर को हटाने का नोटिस दिया गया।

नोटिस कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, डीएमके समेत कई विपक्षी दलों के 100 से अधिक सांसदों के हस्ताक्षर के साथ सौंपा गया है। तृणमूल कांग्रेस के सांसदों ने इस पर हस्ताक्षर नहीं किए। यह नोटिस संविधान के अनुच्छेद 94 (सी) के तहत दिया गया है।

इधर, हाल के दिनों में सदन में विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच तीखी नोकझोंक और गतिरोध देखने को मिला है। विपक्ष का आरोप है कि विपक्षी सदस्यों को बोलने का पर्याप्त मौका नहीं दिया जा रहा, जबकि सत्तापक्ष को छूट मिल रही है।

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