विज्ञापन प्रीमियम साइड रेंट जमा न करने वाले दो दर्जन कारोबारियों को नोटिस

Press Release उत्तर प्रदेश

आगरा। अवैध रुप से विज्ञापन करने वाले कारोबारियों पर नगर निगम की टेढ़ी नजर है। विज्ञापन प्रीमीयम/साइड रेंट वसूलने के लिए नगर निगम ऐसे कारोबारियों की सूची तैयार करा रहा है। विभागीय कर्मचारी लगातार बाजारों का सर्वे कर ऐसे दुकानदारों की सूची तैयार कर रहे हैं। ऐसे दर्जनों कारोबारियों की सूची तैयार की जा चुकी है इनमें से दो दर्जन से अधिक दुकानदारों को पेनाल्टी के साथ प्रीमीयम/साइड रेंट जमा कराये जाने के लिए नोटिस जारी किये गए है। इन कारेाबारियों में कई ऐसे हैं जिन पर एक लाख से अधिक रुपये का प्रीमीयम/साइड रेंटप्रीमियम अधिरोपित किया गया है। नगर निगम अधिनियम 1959 के तहत नगरायुक्त अंकित खंडेलवाल के निर्देश के बाद नगर निगम ऐसे कारोबारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने जा रहा है।
इस संबंध में जानकारी देते हुए सहायक नगर आयुक्त अशोक प्रिय गौतम ने बताया कि व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर तीन बाई दो फुट तक के विज्ञापन पट लगाये जाने पर नगर निगम के द्वारा किसी भी प्रकार का प्रीमीयम/साइड रेंट नहीं लिया जाता है इससे बड़े साइन बोर्ड लगाने या अन्य किसी प्रकार से प्रचार प्रसार के लिए विज्ञापन करना विज्ञापन प्रीमीयम/साइड रेंट के दायरे में आता है। उन्होंने बताया कि नगरायुक्त के निर्देश के उपरांत नगर निगम द्वारा लगातार सर्वे करा कर सूची बनाई जा रही है।
देखने में आ रहा है कि शहर में बड़ी संख्या में ऐसे कारोबारी हैं जो बिना अनुमति होर्डिंग आदि लगाकर अपना विज्ञापन कर रहे हैं। ऐसे सभी कारोबारियों को अब प्रीमीयम/साइड रेंट के दायरे में लाया जा रहा है। नगर निगम उपविधि 2017 के तहत पहली बार अब तक साठ कारोबारियों को नोटिस जारी किये गये हैं। नोटिस की अवधि में रेंट जमा न कराने वाले दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

—-नियत समय में रेंट जमा न करने पर देना होगा दो गुना किराया—-
सहायक नगर आयुक्त के अनुसार यदि कोई अवैध विज्ञापन कर्ता नोटिस जारी होने के उपरांत नियत समय के भीतर प्रीमीयम/साइड रेंट जमा नहीं कराता है तो उसे निर्धारित प्रीमीयम/साइड रेंट से दोगुना रेंट अदा करना होगा।

—–कुछ बड़े बकायेदार जिन्होंने प्रीमीयम/साइड रेंट नहीं दिया—

आर के मार्केटिंग पर छः लाख, ड्यूराफ्लेक्स पर सवा लाख, चंद्र कोचिंग इंस्टिट्यूट पर छह लाख, रेड टेप पर 2 लाख, टाइटन वर्ल्ड पर 62 हजार , आकृति माडल शाप पर पौने चार लाख और डील कमल नाम की कंपनी पर दो लाख रुपए का टैक्स बकाया है।

—-फिलहाल दो साल के किराये की गणना —

सहायक नगरायुक्त के अनुसार फिलहाल साल 2023-24 और 2024-25 के किराये की गणना की जा रही है। शहर में अवैध रूप से विज्ञापन करने वाली कंपनियों का पता लगाने के लिए लगातार सर्वे कराया जा रहा है। नोटिस के बाद भी जो लोग प्रीमियम साइड रेंट विज्ञापन शुल्क जमा नहीं करेंगे उनके रजिस्ट्रेशन निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी।

वर्जन——
जो भी कारोबारी नबर निगम सीमा में विज्ञापन कर रहे हैं वे समय से प्रीमीयम/साइड रेंट को जमा कराएं वरना उनके खिलाफ खाता सीज और कुर्की की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी

अंकित खंडेलवाल
नगर आयुक्त
नगर निगम आगरा

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