—- आदेश की अनदेखी पर होगी सख्त कार्रवाई, पुलिस कमिश्नर को कार्रवाई के लिए लिखा
आगरा। शहर में गंदगी और प्रदूषण का कारण बन रहे पशुबाड़ों के खिलाफ नगर निगम प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है। नगर निगम द्वारा वार्ड संख्या 18 रामनगर क्षेत्र में संचालित 23 पशुबाड़ों के संचालकों को नोटिस जारी किए गए हैं। नोटिस के माध्यम से पशुपालकों को निर्धारित समय सीमा के भीतर अपने पशुबाड़ों को शहर से बाहर निर्धारित स्थानों पर शिफ्ट करने के निर्देश दिए गए हैं।
नगर निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि पशुपालक नोटिस का संज्ञान नहीं लेते हैं और निर्धारित समय में व्यवस्था नहीं करते हैं तो उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे मामलों में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 152 के अंतर्गत कार्रवाई कराने के लिए पुलिस कमिश्नर को पत्र भेजा जा रहा है।
इस संबंध में पशु कल्याण अधिकारी डॉ. अजय कुमार सिंह ने बताया कि शहर के घनी आबादी वाले क्षेत्रों में व्यावसायिक उद्देश्य से पशु पालन किया जा रहा है। पशुओं को सार्वजनिक स्थानों, सड़कों और गलियों में बांधने तथा खुले में टहलाने से क्षेत्र में गंदगी फैल रही है। पशुओं का गोबर और अन्य अपशिष्ट नालियों में बहने के कारण सीवर और ड्रेनेज सिस्टम जाम हो रहे हैं, जिससे जलभराव और दुर्गंध की समस्या बढ़ रही है।
उन्होंने बताया कि इस तरह की अव्यवस्था से न केवल पर्यावरण प्रदूषित हो रहा है, बल्कि संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका भी बढ़ गई है। नगर निगम की टीम द्वारा लगातार निरीक्षण कर ऐसे पशुबाड़ों को चिन्हित किया जा रहा है और चरणबद्ध तरीके से कार्रवाई की जा रही है।
नगर निगम प्रशासन का कहना है कि शहर को स्वच्छ और स्वस्थ बनाए रखने के लिए यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और अन्य वार्डों में भी ऐसे पशुबाड़ों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
वर्जन:::::
नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल का कहना है कि शहर में अवैध और व्यावसायिक पशुबाड़ों के कारण स्वच्छता व्यवस्था प्रभावित हो रही है। सार्वजनिक स्थानों पर पशु बांधने और गंदगी फैलाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। सभी पशुपालकों को शहर से बाहर निर्धारित स्थानों पर अपने पशुबाड़े शिफ्ट करने होंगे। आदेशों का पालन न करने वालों के खिलाफ पुलिस की मदद से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम स्वच्छ और व्यवस्थित शहर के लिए इस अभियान को निरंतर जारी रखेगा।


