लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोनभद्र में अवैध खनन के दौरान सात खनिकों की मौत को लेकर भाजपा सरकार और जिला प्रशासन पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि इस हादसे की जिम्मेदारी से जिलाधिकारी नहीं बच सकते, क्योंकि यह दुर्घटना गैरकानूनी खनन को समय रहते न रोक पाने के कारण हुई है।
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि मृतक खनिकों के परिजनों के साथ प्रशासन का रवैया न केवल असंवेदनशील बल्कि अपमानजनक रहा है, जिससे शोकाकुल परिवारों का दुख और बढ़ गया। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में प्रशासन का कर्तव्य संवेदना और सहयोग दिखाने का होता है, न कि पीड़ितों को और पीड़ा देने का।
सपा प्रमुख ने भाजपा सरकार से मांग की कि प्रत्येक पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपये की सहायता राशि दी जाए और उन्हें सभी सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि नाममात्र का मुआवजा किसी परिवार का भविष्य नहीं संभाल सकता, खासकर तब जब घर का कमाने वाला सदस्य हादसे में चला गया हो।
अखिलेश यादव ने यह भी सवाल उठाया कि सोनभद्र प्रशासन को भाजपा शासन का जो संरक्षण मिल रहा है, उसके पीछे ‘विशेष’ कारण क्या हैं, यह किसी से छिपा नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि अवैध खनन एक संगठित गोरखधंधा बन चुका है, जिसमें जिला स्तर से लेकर विभागों, मंत्रालयों और खनन माफिया तक की मिलीभगत शामिल है। इस पूरे नेटवर्क की निष्पक्ष और गहन जांच की मांग भी उन्होंने की।
उन्होंने कहा कि पीड़ित, दुखी और अपमानित लोगों के दर्द को सुनना, समझना और यथासंभव मदद करना ही समाजवादी पार्टी की प्राथमिकता है। अंत में उन्होंने कहा कि भाजपा के शासन में गरीब और कमजोर वर्ग सबसे अधिक शोषण का शिकार हो रहा है और “भाजपा जाएगी, तभी गरीब का भला हो पाएगा।”
उल्लेखनीय है कि यह मामला सोनभद्र में हुए अवैध खनन हादसे से जुड़ा है, जिसे लेकर प्रदेश की राजनीति में लगातार बयानबाजी तेज होती जा रही है।
