
नालियों पर बनाये गये रैंप और जालियां लगाकर फुटपाथ पर पेड़ पौधे रखकर किया अतिक्रमण
48 घंटे में अतिक्रमण नहीं हटाया तो चलेगा ध्वस्तीकरण अभियान, टास्क फोर्स की कार्रवाई से मचा हड़कंप
आगरा। घरों के बाहर नाले-नालियों पर अवैध रूप से रैंप बनाकर, लोहे की जालियां के अंदर पेड़-पौधे लगाकर फुटपाथों पर कब्जा करने वालों के खिलाफ नगर निगम ने कार्रवाई शुरू कर दी है। ऐसे अतिक्रमणों के कारण जहां नालियों और नालों की नियमित सफाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है, वहीं राहगीरों और स्थानीय नागरिकों को आवागमन में भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
नागरिकों की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद नगर निगम टास्क फोर्स ने शास्त्रीपुरम स्थित बांसुरी बिलास क्षेत्र में अभियान चलाया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि करीब एक दर्जन मकानों के सामने नाले-नालियों के ऊपर कई स्थानों पर रैंप बनाकर और पार्क विकसित कर सार्वजनिक भूमि एवं फुटपाथों पर कब्जा कर लिया गया था।
नगर निगम अधिकारियों ने बताया कि नालियों पर स्थायी निर्माण और लोहे की जालियां लगाए जाने से सफाई कर्मियों को सिल्ट और कूड़ा निकालने में गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। बरसात के दौरान ऐसी बाधाएं जलभराव और जल निकासी की समस्या को और बढ़ा देती हैं। इसके अलावा फुटपाथों पर किए गए अतिक्रमण के कारण पैदल चलने वालों को सड़क पर उतरकर चलना पड़ता है, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ जाती है। कार्रवाई के दौरान नगर निगम की टीम ने अवैध रूप से बनाए गए रैंप, जालियों और विकसित पार्कों पर लाल निशान लगाते हुए संबंधित लोगों को 48 घंटे के भीतर स्वयं अतिक्रमण हटाने की चेतावनी दी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि निर्धारित समय सीमा के भीतर कब्जा नहीं हटाने पर नगर निगम द्वारा ध्वस्तीकरण अभियान चलाकर अतिक्रमण हटाया जाएगा तथा कार्रवाई का खर्च भी संबंधित लोगों से वसूला जाएगा।
नगर निगम की इस कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप की स्थिति रही। अधिकारियों ने बताया कि शहर के अन्य क्षेत्रों में भी शिकायतों के आधार पर इसी प्रकार का अभियान जारी रहेगा और सार्वजनिक भूमि, फुटपाथ तथा नालियों पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
*नगर आयुक्त का वर्जन—–
नगर आयुक्त संतोष कुमार वैश्य ने कहा कि नाले-नालियों और फुटपाथों पर किया गया अतिक्रमण न केवल सफाई व्यवस्था में बाधा उत्पन्न करता है, बल्कि आम नागरिकों की सुविधा और सुरक्षा को भी प्रभावित करता है। उन्होंने कहा कि सभी नागरिक स्वेच्छा से ऐसे अतिक्रमण हटा लें, अन्यथा नगर निगम द्वारा नियमानुसार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करते हुए जुर्माना भी लगाया जाएगा।


