आगरा l पवित्र यमुना नदी को स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त बनाए रखने के उद्देश्य से नगर निगम द्वारा किए जा रहे प्रयासों को पलीता लगा रहे पशु पालकों के खिलाफ निगम प्रशासन सख्त रवैया अपना रहा है। अभियान चला कर तीन भैंस पालकों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 53,000 का भारी जुर्माना लगाया गया है। इनके द्वारा नदी में स्नान कराने के बाद पशुओं को यमुना किनारे फाउंड्री नगर में बांध रखा था। कार्रवाई से पशु पालकों में हड़कंप मचा रहा। जिन पशु पालकों पर जुर्माना लगाया गया है उनमें अरशद कुरैशी,छोटे लाल और सुमित यादव हैं।
—-भोर और रात के अंधेरे में भैंसों को नदी में ले जाते हैं पशुपालक—-
नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि कुछ पशुपालक नगर निगम की निगरानी से बचने के लिए देर रात या तड़के सुबह के समय भैंसों को यमुना नदी में छोड़ देते हैं। वे भैंसों को नहलाने या चराने के बहाने नदी में ले जाकर कई घंटों तक नदी में रखते हैं जिससे नदी का जल प्रदूषित हो रहा है। यमुना में पशुओं का प्रवेश स्वच्छता नियमों का उल्लंघन है।
——कैटल कैचिंग टीम और यमुना मित्रों की संयुक्त कार्रवाई—-
नगर निगम की विशेष कैटल कैचिंग टीम लगातार गश्त कर रही है और यमुना में छोड़े गए पशुओं को पकड़कर हटाया जा रहा है। पशु कल्याण अधिकारी डॉक्टर अजय कुमार सिंह ने बताया कि नगर निगम की टीम ने कार्रवाई करते हुए हुए तीन पशु पालकों पर 53,000 रुपए का जुर्माना लगाया है। आगे भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी और जुर्माने की राशि बढ़ाई भी जा सकती है।


