—- रामबाग और वाटर वर्क्स के पास यमुना में नहलाने के लिए उतारी गई थीं चार भैंसें, टास्क फोर्स ने की कार्रवाई
आगरा। यमुना नदी को प्रदूषण से बचाने के लिए नगर निगम प्रशासन ने एक बार फिर कार्रवाई करते हुए नदी में घुसाई गई भैंसों को पकड़ लिया। रामबाग और वाटर वर्क्स के पास यमुना में भैंसों को नहलाने के लिए उतारा गया था। सूचना मिलने पर नगर निगम की टास्क फोर्स मौके पर पहुंची और कार्रवाई करते हुए भैंसों को नदी से बाहर निकलवाकर कब्जे में ले लिया।
यमुना में भैंसों को नहलाने पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) की रोक है। इसके बावजूद कुछ पशुपालक नियमों की अनदेखी करते हुए भैंसों को यमुना में उतार रहे हैं। इससे नदी का पानी प्रदूषित होने के साथ ही नदी की स्वच्छता व्यवस्था प्रभावित होती है।
नगर निगम की टास्क फोर्स ने रामबाग और वाटर वर्क्स क्षेत्र में अभियान चलाकर यमुना में घुसी भैंसों को बाहर निकलवाया। संबंधित पशुपालकों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए जुर्माना भी लगाया गया। अपर नगर आयुक्त शिशिर कुमार ने बताया कि यमुना में भैंसों को नहलाने की अनुमति नहीं है। एनजीटी के निर्देशों के तहत इस पर रोक लगाई गई है और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नगर निगम लगातार कार्रवाई कर रहा है।
उन्होंने बताया कि नगर निगम द्वारा प्रति भैंस आठ हजार रुपये के हिसाब से जुर्माना वसूल किया जाता है। पशुपालकों को चेतावनी दी गई है कि भविष्य में भैंसों को यमुना में नहलाने के लिए न उतारें। दोबारा इस तरह की गतिविधि पाए जाने पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
अपर नगर आयुक्त ने कहा कि यमुना की स्वच्छता और प्रदूषण नियंत्रण को लेकर नगर निगम की ओर से निगरानी बढ़ाई जा रही है। नदी किनारे के क्षेत्रों में टास्क फोर्स को सक्रिय रखा गया है और जहां भी यमुना में पशुओं को उतारने की सूचना मिलती है, वहां तत्काल कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम प्रशासन का उद्देश्य यमुना को प्रदूषण से बचाने के साथ ही नदी के घाटों और आसपास के क्षेत्रों को स्वच्छ बनाए रखना है।


