आगरा। ताजनगरी के एत्माद्दौला क्षेत्र में सोमवार रात सोशल मीडिया पर एक ‘लाइव सुसाइड’ के ड्रामे ने पुलिस और प्रशासन के हाथ-पांव फुला दिए। प्रेम में धोखा खाने के बाद एक 20 वर्षीय युवक ने खुदकुशी का फर्जी वीडियो अपलोड किया, लेकिन उसे अंदाजा नहीं था कि सोशल मीडिया कंपनी ‘मेटा’ का आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सिस्टम उसकी हर हरकत पर नजर रखे हुए है। जैसे ही वीडियो पोस्ट हुआ, फेसबुक-इंस्टाग्राम की पेरेंट कंपनी मेटा ने पुलिस को अलर्ट भेजा, “एक लड़का आत्महत्या कर रहा है, उसे बचाइए।”
11:07 P.M. पर अपलोड हुआ मौत का वीडियो
अब्बास नगर निवासी साहिल (बदला हुआ नाम) ने सोमवार रात करीब 11 बजे अपना वीडियो पोस्ट किया। बैकग्राउंड में गमगीन गाना बज रहा था और साहिल की आँखों में आंसू थे। वीडियो में उसने 18-18 गोलियों की दो स्ट्रिप से सारी दवाइयां निकालकर एक साथ खा लीं और ऊपर से पानी पी लिया। कैप्शन में लिखा था “सब टैबलेट खा गया, मेरी जिंदगी खत्म हो चुकी है।”
AI की सक्रियता और पुलिस का ‘सुपरफास्ट’ एक्शन
वीडियो अपलोड होने के महज 30 मिनट के भीतर मेटा के सिस्टम ने खतरे को भांप लिया और लखनऊ स्थित कंट्रोल रूम के जरिए आगरा पुलिस को सटीक लोकेशन के साथ अलर्ट भेजा। सूचना मिलते ही एत्माद्दौला पुलिस महज 10 मिनट में युवक के घर के दरवाजे पर थी। पुलिस को सामने देख युवक और उसका परिवार दंग रह गया।
खुजली की दवा खाकर रचा था स्वांग
जब पुलिस ने साहिल से पूछताछ की, तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ। साहिल ने स्वीकार किया कि उसने जो गोलियां खाई थीं, वे महज खुजली की दवा थीं। उसका उद्देश्य आत्महत्या करना नहीं, बल्कि अपनी प्रेमिका को डराना और उसे इमोशनल ब्लैकमेल करना था। वह एक गाड़ी मैकेनिक है और 10वीं पास है।
पुलिस ने की काउंसलिंग, दी चेतावनी
पुलिस टीम ने युवक को हिरासत में लेने के बजाय उसकी मौके पर ही काउंसलिंग की। उसे समझाया गया कि सोशल मीडिया पर इस तरह के संवेदनशील ‘स्टंट’ न केवल पुलिस का समय बर्बाद करते हैं, बल्कि कानूनी मुश्किलों में भी डाल सकते हैं। युवक और उसके परिवार ने अपनी गलती मानी और भविष्य में ऐसा न करने की लिखित शपथ ली।
