चाईबासा। झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के सारंडा जंगलों में गुरुवार को सुरक्षाबलों ने माओवादी विरोधी अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल की। किरीबुरु थाना क्षेत्र के कुमडी इलाके में हुई भीषण मुठभेड़ में माओवादियों के शीर्ष नेता पतिराम माझी उर्फ अनल दा समेत 15 नक्सली मारे गए। अनल दा पर झारखंड सरकार और केंद्र सरकार की ओर से 1 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था।
सीआरपीएफ डीआईजी साकेत कुमार सिंह ने रांची स्थित पुलिस मुख्यालय में बताया कि सीआरपीएफ की कोबरा यूनिट के करीब 1500 जवान सारंडा के जंगलों में अभियान में जुटे हैं। उन्होंने बताया कि अभियान मंगलवार से चल रहा था, जबकि गुरुवार सुबह करीब 6 बजे से गोलीबारी शुरू हुई।
15 शव बरामद, हथियार और गोला-बारूद भी मिला
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मुठभेड़ स्थल से 15 माओवादियों के शव बरामद कर लिए गए हैं। साथ ही बड़ी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद भी हाथ लगे हैं। अधिकारियों का कहना है कि ऑपरेशन के दौरान इलाके में सर्च अभियान लगातार जारी है।
15 में से 11 की पहचान
पुलिस महानिरीक्षक (ऑपरेशन) माइकल राज एस ने बताया कि अनल दा और उसके साथियों की मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद ऑपरेशन शुरू किया गया था। मारे गए 15 माओवादियों में से 11 की पहचान कर ली गई है।
प्रारंभिक जांच में जिनकी पहचान हुई है, उनमें शामिल हैं—
अनल उर्फ पतिराम माझी (CCM) – 1 करोड़ इनामी
अनमोल उर्फ सुशांत (BJSAC) – 25 लाख इनामी
अमित मुंडा (RCM) – 15 लाख इनामी
पिंटू लोहरा (SZC) – 5 लाख इनामी
लालजीत उर्फ लालू (SZC) – 5 लाख इनामी
राजेश मुंडा (ACM)
बुलबुल अलदा (ACM)
बबिता (ACM)
पूर्णिमा (ACM)
सुरजमुनी (कैडर)
जोंगा (कैडर)
1987 से सक्रिय था अनल दा
बताया गया कि अनल दा गिरिडीह जिले के पिरतांड का रहने वाला था और 1987 से माओवादी गतिविधियों में सक्रिय था। पुलिस और सुरक्षाबल लंबे समय से उसकी तलाश कर रहे थे।
कोल्हान-सारंडा को माना जाता था अंतिम गढ़
अधिकारियों के मुताबिक झारखंड में कोल्हान और सारंडा को माओवादियों का अंतिम बड़ा गढ़ माना जाता रहा है। सुरक्षा बलों ने पहले ही बूढ़ा पहाड़, चतरा, लातेहार, गुमला, लोहरदगा, रांची और पारसनाथ जैसे इलाकों में माओवादियों की गतिविधियों को काफी हद तक सीमित कर दिया था।
फिलहाल सारंडा क्षेत्र में सुरक्षा बलों का अभियान जारी है और पूरे इलाके में तलाशी बढ़ा दी गई है।
