साइंस सेंटर में आयोजित ‘प्रिज़्मा 1.0’ में दिखा भविष्य का भारत

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स्कॉलर इंग्लिश एकेडमी के इनोवेशन फेस्ट में बच्चों के स्टार्टअप, AI मॉडल्स और ताइवान के रोबोट ने जमाया आकर्षण

सूरत (गुजरात) [भारत], जनवरी 8: डिजिटल युग के कॉपीपेस्टकल्चर को चुनौती देने और बच्चों की मौलिक सोच को मंच देने के उद्देश्य से स्कॉलर इंग्लिश एकेडमी (CBSE) द्वारा आयोजित इनोवेशन फेस्टप्रिज़्मा 1.0’ रविवार को सिटीलाइट स्थित साइंस सेंटर में भव्य रूप से संपन्न हुआ।

दोपहर 3 बजे से रात 8 बजे तक चले इस कार्यक्रम में शहरभर के विद्यार्थियों, अभिभावकों और नागरिकों की बड़ी संख्या में मौजूदगी रही।

यह फेस्ट केवल एक प्रदर्शनी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि बच्चों की कल्पनाशक्ति, आत्मविश्वास और व्यावहारिक ज्ञान को जीवंत रूप में प्रस्तुत करने वाला मंच बनकर उभरा।
बच्चों द्वारा तैयार किए गए साइंस प्रोजेक्ट्स, AI आधारित मॉडल्स और इनोवेटिव आइडियाज़ ने उपस्थित सभी लोगों को आकर्षित किया।

स्कॉलर इंग्लिश एकेडमी के ट्रस्टी राजेश महेश्वरी ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते उपयोग के बीच बच्चों में स्वयं सोचने और प्रयोग करने की प्रवृत्ति में कमी देखी जा रही है।

प्रिज़्मा 1.0’ के माध्यम से पूरी तरह ऑफलाइन गतिविधियों पर जोर दिया गया, ताकि बच्चे अपने हाथों से तैयार किए गए मॉडल्स और विचारों को लोगों के सामने प्रस्तुत कर सकें।

कार्यक्रम का सबसे बड़ा आकर्षण यह रहा कि स्कूल के बच्चों ने पहली बार मंच से अपने स्टार्टअप और बिज़नेस आइडियाज़ आम जनता के सामने प्रस्तुत किए।
इसके साथ ही ताइवान से आए एक विशेष रोबोट ने बच्चों से बातचीत की और उनके साथ फोटो खिंचवाए, जो दर्शकों के लिए खास आकर्षण का केंद्र बना रहा।

छोटे विद्यार्थियों ने पॉडकास्ट के तहत शहर के क्लास-1 अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के लाइव इंटरव्यू लिए, जिन्हें पॉडकास्ट के रूप में प्रस्तुत किया गया।
इसके अलावा, बच्चों की रचनात्मकता को प्रोत्साहित करने के लिए आयोजित आर्ट गैलरी में उनकी बनाई गई पेंटिंग्स और कलाकृतियों को भी खूब सराहना मिली।

तकनीक और इनोवेशन के साथ-साथ कार्यक्रम में सांस्कृतिक रंग भी देखने को मिला।
एम्फीथिएटर में पूरे समय सिंगिंग, डांस और नाटक जैसे कार्यक्रम चलते रहे, जिससे प्रिज़्मा 1.0’ एक शैक्षणिक आयोजन के साथ-साथ पारिवारिक मनोरंजन का भी केंद्र बन गया।

आयोजकों के अनुसार यह कार्यक्रम किसी एक स्कूल तक सीमित नहीं रखा गया था, बल्कि इसे पूरे शहर के लिए ओपन फॉर ऑल रखा गया।

भूमिगत पार्किंग और साइंस सेंटर के खुले वातावरण के कारण यह रविवार को पूरे परिवार के साथ आकर सीखने, देखने और बच्चों की प्रतिभा को अनुभव करने का एक बेहतरीन अवसर साबित हुआ।

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