
ग्राम सभा देंगी व्यावसायिक भवन और कॉलोनियां बनाने की अनुमति, नवीन कॉलोनी, प्लॉट, फैक्ट्री, होर्डिंग, कूड़ा कलेक्शन, पेयजल आपूर्ति आदि पर वसूल सकेंगी टैक्स
01जनवरी 2026 से नई योजना लागू, लघु उद्योगों की स्थापना, अंचलीय बाजार और मेले भी होंगे आयोजित,पंचायतें रख सकेंगी अपना कर अधिकारी और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी
आगरा.20.01.2026. ग्राम पंचायतों के सीमित संसाधन और शहरों से लगे ग्रामीण क्षेत्रों व बड़ी पंचायतों में बिल्डर्स, डेवलपर/व्यावसायियों द्वारा आवासीय कालोनियों व औद्योगिक भूखंडों, फैक्ट्रियों का विकास, व्यावसायिक गतिविधियों से मार्ग/खड़ंजा, पेयजल सुविधा, प्रकाश व्यवस्था आदि का अतिरिक्त बोझ ग्रामपंचायतों पर पड़ रहा है। इस हेतु जिला पंचायती राज विभाग ने गांव पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने की योजना तैयार की है। इस नई योजना के तहत जनवरी 2026 के बाद गांव सभा क्षेत्र में आवासीय कॉलोनियां और वाणिज्य भवन विकरित करने वालों को ग्राम पंचायत से अनुमति लेना आवश्यक हो जाएगा। वहीं ग्राम सभा अपनी बैठक में शुल्क नियत करते हुए सालाना टैक्स वसूल कर सकेगी तथा उक्त टैक्स ओएसआर खाते में जमा कराया जाएगा।
नवीन योजना के अनुसार कुल क्षेत्रफल में बनाए गए व्यावसायिक या आवासीय भवन की मालियत के हिसाब से भवन स्वामी से सालाना टैक्स वसूला जाएगा। वसूले गए टैक्स को ग्राम सभा की निधि में समाहित किया जाएगा। इसी टैक्स से गांव पंचायत अपना कर अधिकारी और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी आदि की व्यवस्था कर सकेंगी।
विभाग द्वारा उक्त निर्णय गांव पंचायतों में खड़ंजा, पेयजल, स्वच्छता, प्रकाश आदि सुविधाओं के बढ़ते अतिरिक्त बोझ व पंचायतों के सीमित आय के साधनों के कारण लिया गया है। इसके जरिए गांवों में लघु उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा, ग्रामीण आंचलिक बाजार,मेले, हाट आयोजित हो सकेंगे, ग्राम सभा का आर्थिक विकास के साथ बेहतर आधुनिक सुविधाओं व इन्फ्रास्ट्रक्चर का विकास किया जा सकेगा।गांव पंचायतों को बेहतर राजस्व की प्राप्ति भी होगी।नया नियम ग्रामीण क्षेत्र की परिधि में आ रहे प्रेक्षागृह, सिनेमाघरों अन्य मनोरंजन कायों पर भी लागू होगा।
जिला पंचायत राज अधिकारी मनीष कुमार ने जनपद के सभी ग्राम पंचायतों के प्रधानों व सचिवों को दिशा निर्देश जारी करते हुए बताया कि ग्राम पंचायत में बनाये जाने वाली कालौनी, बेचे जाने वाले प्लाट एवं निर्मित हो रही व्यवसायिक केन्द्र (फैक्ट्री, होटल, दुकान, नर्सिंग होम आदि) पर वर्ग मीटर की दर से शुल्क ग्राम पंचायत की बैठक में नियत करते हुए निर्धारित शुल्क ओ.एस.आर. खाते में जमा करने के उपरान्त अनापित्त प्रमाण-पत्र निर्गत करने के उपरान्त ही निर्माण की गतिविधि की जाए।ग्राम पंचायत में वर्तमान में हो रही व्यवसायिक गतिविधियों एवं साप्ताहिक हाट ,प्रचार हेतु लगाये जाने वाले होर्डिंग पर भी ग्राम पंचायत की बैठक में शुल्क नियत करते हुए निर्धारित शुल्क ओ.एस.आर. खाते में जमा कराया जाय।ग्राम पंचायत संचालित पेयजल योजनाओं वाटर एटीएम, पाइप लाइन पेयजल आपूर्ति पर भी उपभोक्ताओं से भी 50 रूपये प्रति माह की दर से जल शुल्क एकत्रित कर ओ.एस.आर. खाते में जमा करते हुए पेयजल योजनाओं का संचालन किया जाए। ग्राम पंचायत में डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण एंव करायी जाने वाली स्वच्छता के कार्यों में भी ग्राम पंचायत की बैठक में निर्धारित शुल्क ओ.एस.आर. खाते में जमा कराया जाय।निर्धारित सभी कर/शुल्क की “कर” सूची” ग्राम पंचायत के प्रस्ताव के साथ प्रस्तुत स्वीकृति के उपरान्त क्रियान्वयन किया जायेगा। यह आदेश तत्काल प्रभावी होगा।


