ऑपरेशन सिंदूर पर सरकार ने दिया था फ्रीहैंड: आर्मी चीफ

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हम चेस खेल रहे थे, न हमें, न दुश्मन को पता था अगला कदम क्या होगा

ऑपरेशन सिंदूर को लेकर अब आर्मी चीफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने अहम जानकारी दी है। गौरतलब है कि कल भारतीय वायुसेना के प्रमुख एपी सिंह ने भी पाकिस्तान की नींद उड़ाने वाला खुलासा किया था। उन्होंने कहा कि इंडियन एयरफोर्स ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान 5 पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों को मार गिराया था। इसके अलावा और भी एयरक्राफ्ट को मार गिराया गया था।

ऑपरेशन सिंदूर पर बोलते हुए अब आर्मी चीफ ने कहा है कि 22 अप्रैल को पहलगाम में जो हुआ, उसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। अगले ही दिन 23 तारीख को हम सब बैठे। यह पहली बार था जब रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि बस, बहुत हो गया। तीनों सेना प्रमुख इस बात पर बिल्कुल स्पष्ट थे कि कुछ तो करना ही होगा। आर्मी चीफ ने पाकिस्तान के खिलाफ एक्शन की तुलना शतरंज के खेल से की।

जनरल द्विवेदी ने बताया कि हमें पूरी छूट दी गई। कहा गया कि आप तय करें कि क्या करना है। इस तरह का आत्मविश्वास, राजनीतिक दिशा और राजनीतिक स्पष्टता हमने पहली बार देखी। यही आपका मनोबल बढ़ाता है। इसी तरह हमारे सेना कमांडर-इन-चीफ को जमीन पर रहकर अपनी बुद्धि के अनुसार काम करने में मदद मिली।

नॉर्दन कमांड में हुई ऑपरेशन की प्लानिंग

द्विवेदी ने आगे कहा कि 25 तारीख को हम उत्तरी कमान गए, जहां हमने सोचा और योजना बनाई। फिर संकल्पना की। उसके बाद हमने नौ में से सात लक्ष्यों को नष्ट कर दिया, जिसमें बहुत सारे आतंकवादी मारे गए। 29 अप्रैल को हम पहली बार प्रधानमंत्री से मिले। यह महत्वपूर्ण है कि कैसे एक छोटा सा नाम ऑपरेशन सिंदूर पूरे देश को जोड़ता है। यह कुछ ऐसा है जिसने पूरे देश को प्रेरित किया। यही कारण है कि पूरा देश कह रहा था कि आपने इसे क्यों रोक दिया? यह प्रश्न पूछा जा रहा था और इसका पर्याप्त उत्तर दिया गया है।

हमने ऑपरेशन सिंदूर में खेला शतरंज

आईआईटी मद्रास में एक संबोधन के दौरान उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर में हमने शतरंज खेला। हमें नहीं पता था कि दुश्मन की अगली चाल क्या होगी और हम क्या करने वाले हैं। इसे ग्रे जोन कहा जाता है। ग्रे जोन का मतलब है कि हम पारंपरिक ऑपरेशन नहीं कर रहे हैं। हम जो कर रहे हैं, वह पारंपरिक ऑपरेशन से थोड़ा कम है। हम शतरंज की चालें चल रहे थे और वह (दुश्मन) भी शतरंज की चालें चल रहा था। कहीं हम उन्हें शह और मात दे रहे थे और कहीं हम अपनी जान गंवाने के जोखिम पर भी हार मान रहे थे, लेकिन यही तो जिंदगी है।

सेना प्रमुख ने पाकिस्तान पर कसा तंज

सेना प्रमुख ने कहा अगर आप किसी पाकिस्तानी से पूछेंगे युद्ध में कौन जीता है? तो वे कहेंगे- हमारा चीफ फील्ड मार्शल बन गया है। हमने ही जीत दर्ज की होगी। यही कारण है कि वह चीफ मार्शल बन गया।

जनरल द्विवेदी ने इस टिप्पणी के जरिए पाकिस्तान सेना प्रमुख असीम मुनीर को फील्ड मार्शल बनाए जाने पर तंज कसा है। उन्हें ऑपरेशन सिंदूर के बाद फील्ड मार्शल बनाया गया था।

जनरल द्विवेदी का यह बयान पाकिस्तान सरकार के उस फैसले पर था, जिसमें पाकिस्तानी आर्मी चीफ असीम मुनीर को फाइव-स्टार जनरल और फील्ड मार्शल के पद पर प्रमोट किया गया है। उन्होंने बताया कि 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर दिया था।

वायुसेना प्रमुख ने भी राजनीतिक इच्छाशक्ति को दिया था श्रेय

इससे पहले वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए. पी. सिंह ने भी ऑपरेशन सिंदूर की सफलता का श्रेय केंद्र की राजनीतिक इच्छाशक्ति को दिया था। बेंगलुरु स्थित एचएएल मैनेजमेंट एकेडमी में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा था कि इस सफलता का प्रमुख कारण स्पष्ट राजनीतिक इच्छाशक्ति था।

उन्होंने कहा कि हमें बहुत स्पष्ट निर्देश मिले थे कि हम पर कोई बाहरी प्रतिबंध नहीं लगाया गया। उन्होंने कहा था कि जो भी सीमाएं थीं, वे हमने खुद तय की थीं। एयर चीफ मार्शल ने कहा कि इस ऑपरेशन की योजना और क्रियान्वयन की पूरी स्वतंत्रता हमारे पास थी।

‘तीनों सेनाओं के बीच तालमेल और परिचालन सामंजस्य का प्रमाण’- CDS

चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता की तीनों सेनाओं के बीच तालमेल और परिचालन सामंजस्य का प्रमाण बताया। वे 21वें उच्च रक्षा प्रबंधन पाठ्‌यक्रम (एचडीएमसी) के प्रतिभागियों और कॉलेज ऑफ डिफेंस मैनेजमेंट (सीडीएम), सिकंदराबाद के वरिष्ठ अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे। सीडीएस ने सशस्त्र बलों में संयुक्तता और एकीकरण पर रणनीतिक दृष्टिकोण पर बात की। उन्होंने एकीकृत अभियानों के भविष्य के रोडमैप को आकार देने के लिए महत्वपूर्ण बिंदुओं का भी जिक्र किया।

साभार सहित

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