आगरा। मुख्य विकास अधिकारी, आगरा द्वारा आज किरावली स्थित युवा कल्याण विभाग के पूर्व निर्मित स्टेडियम में संचालित अनुरक्षण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान स्टेडियम की बाउंड्री वॉल का निर्माण कार्य प्रगति पर पाया गया। कार्य की गुणवत्ता संतोषजनक पाई गई। अनुरक्षण कार्य उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण सहकारी संघ द्वारा कराया जा रहा है। जिला युवा कल्याण अधिकारी द्वारा अवगत कराया गया कि अनुरक्षण कार्य दिनांक 23.03.2026 से प्रारम्भ हुआ है तथा इसे 29.09.2026 तक पूर्ण किया जाना प्रस्तावित है।
निरीक्षण के दौरान स्टेडियम परिसर में मैदान में झाड़ियाँ, लम्बी घास-फूस तथा जलभराव की समस्या पाई गई। मुख्य विकास अधिकारी ने इस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए जिला युवा कल्याण अधिकारी को निर्देश दिए कि मैदान की समुचित लेवलिंग एवं ड्रेसिंग कराकर उसे खिलाड़ियों के उपयोग हेतु शीघ्र तैयार कराया जाए। साथ ही स्टेडियम परिसर में जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाए।
स्टेडियम परिसर में बने कमरों एवं हॉल में बोर्ड के दरवाजे लगाए जा रहे थे। इस पर निर्देश दिए गए कि यदि तकनीकी रूप से संभव हो तो बोर्ड के स्थान पर अधिक टिकाऊ एवं सुरक्षित लोहे के दरवाजे लगाए जाएँ।
निरीक्षण के दौरान यह भी पाया गया कि स्टेडियम की बाहरी दीवार से सटे मकानों की ओर से पानी की निकासी न होने के कारण परिसर में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो रही है। इस संबंध में जिला युवा कल्याण अधिकारी को अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका किरावली से समन्वय स्थापित कर शीघ्र एवं स्थायी समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
मुख्य विकास अधिकारी ने स्टेडियम में स्थानीय खिलाड़ियों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए खेल अवसंरचना के सुदृढ़ीकरण हेतु खेल सुविधाओं के विकास की विस्तृत कार्ययोजना (Sports Facilities Plan) तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए।
निरीक्षण के दौरान स्टेडियम के रखरखाव एवं अनुरक्षण में लापरवाही पाए जाने पर जिला युवा कल्याण अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। साथ ही उन्हें निर्देशित किया गया कि सभी कमियों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करते हुए अनुरक्षण कार्यों की नियमित एवं प्रभावी निगरानी की जाए।
मुख्य विकास अधिकारी ने कार्यदायी संस्था को निर्देशित किया कि सभी अनुरक्षण कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण किए जाएँ, ताकि स्टेडियम को शीघ्र ही खिलाड़ियों के उपयोग हेतु पूर्ण रूप से विकसित किया जा सके।


