आगरा: ताजनगरी के प्रतिष्ठित दयालबाग एजुकेशनल इंस्टीट्यूट (डीम्ड यूनिवर्सिटी) को राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद (NCTE), नई दिल्ली से एक बड़ी प्रशासनिक और शैक्षणिक सफलता मिली है। अब संस्थान के D.El.Ed. (डिप्लोमा इन एलिमेंट्री एजुकेशन) पाठ्यक्रम की संबद्धता और परीक्षा निकाय की जिम्मेदारी SCERT के बजाय स्वयं DEI के पास होगी। इस निर्णय से संस्थान में पढ़ रहे छात्रों के हित और अधिक सुरक्षित हो गए हैं।
2017 से सफलतापूर्वक चल रहा है पाठ्यक्रम:
दयालबाग शिक्षण संस्थान का शिक्षा संकाय सत्र 2017-18 से ही D.El.Ed. पाठ्यक्रम का सफलतापूर्वक संचालन कर रहा है। संस्थान की गुणवत्ता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यहाँ से प्रशिक्षित छात्र आज देश के विभिन्न राज्यों और केंद्र सरकार के विद्यालयों में अपनी सेवाएँ दे रहे हैं।
NCTE के आदेश में क्या है खास?
NCTE ने 6 जनवरी 2026 को जारी अपने नए आदेश में साल 2017 के पुराने आदेश में संशोधन किया है। इस संशोधन के तहत अब ‘राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद’ (SCERT) के स्थान पर ‘दयालबाग एजुकेशनल इंस्टीट्यूट’ के नाम को ही संबद्धता एवं परीक्षा निकाय के रूप में मान्यता दे दी गई है।
संस्थान के निदेशक का बयान:
DEI के निदेशक प्रो. सी. पटवर्धन ने इस आदेश का स्वागत करते हुए कहा, “यह निर्णय संस्थान की साख को और मज़बूत करता है। हम न्यूनतम शुल्क पर उच्च गुणवत्ता की शिक्षा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। DEI किसी भी ऐसे पाठ्यक्रम का संचालन नहीं करता जिसमें शासकीय स्वीकृति न हो। यह कदम वर्तमान और पूर्व विद्यार्थियों के भविष्य को पूरी तरह सुरक्षित करता है।”
छात्रों के हित सर्वोपरि:
शिक्षा संकाय के डीन प्रोफेसर एन.पी.एस. चंदेल ने स्पष्ट किया कि प्रशासन हर परिस्थिति में छात्रों के साथ खड़ा है और उनके करियर के साथ किसी भी प्रकार का समझौता या अहित नहीं होने दिया जाएगा।
